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मिसमैच होने से बाधित हो रहा भुगतान

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मिर्जापुर। जिले में धान की खरीद को एक माह से ऊपर हो गया है। लेकिन अब समस्या भुगतान की आ रही है। दस- दस दिन हो जा रहे हैं लेकिन किसानों को धान का भुगतान नहीं हो पा रहा। वे क्रय केंद्रों का चक्कर काटने को विवश हैं। नाम और खाते में अंकित विवरण से का मेल नहीं होने से भुगतान लटक जा रहा।
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जिले में बृहस्पतिवार तक दो हजार तीन सौ 53 किसानों से अब तक 11 हजार आठ सौ 23 एमटी धान की खरीद की गई है। इन किसानों से हुई खरीद का अब तक दो हजार दो सौ 93 लाख रुपया भुगतान किया जाना है। इसमें से अब तक मात्र एक हजार 21 लाख रुपये का भुगतान किया गया। अब भी किसानों की एक हजार दो सौ 72 लाख रुपये की राशि विभाग पर बकाया है। इसके लिए किसान लगातार क्रय केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं। विभाग का कहना है कि क्रय धान की राशि का भुगतान पीएफएमएस से होना है। वह आनलाइन ही ट्रांजेक्शन करता है। यदि नाम के अक्षरों में अथवा किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी हो जाती है तो खाता मेल नहीं होता ळै। इससे भुगतान लंबित हो जाता है। समस्या दूर करने का प्रयास किया जा रहा। हलिया : खाद्य विभाग के विपणन केंद्र मवईकला पर बनाए गए हलिया प्रथम व द्वितीय पर 132 किसानों से धान की खरीद हुई है। भुगतान के लिए किसानों का अंगूठा मशीन पर लगवा दिया गया है। मवई कलां गांव में ही नैफेड द्वारा बनाए गए केंद्र पर एक हफ्ते से खरीद के बाद न तो किसानों का भुगतान हुआ और न ही धान का उठान हुआ। केंद्र भी बंद हो गया है।
जिगना : विकास खंड छानबे के दो क्रय केंद्रों पर 48 किसानों से 2111 क्विंटल धान की खरीद की गई है। खाद्य एवं रसद विभाग के राजकीय केंद्र भटेवरा में 38 किसानों से 1561 क्विंटल धान की खरीद हुई है। केंद्र प्रभारी शालिनी शर्मा ने बताया कि सभी का भुगतान करा दिया गया है। नरोइया स्थित पीसीयू क्रय केंद्र पर 12 किसानों से 550 क्विंटल की खरीद की गई है। केंद्र प्रभारी विपिन मिश्र ने बताया कि दो तीन किसानों को छोड़कर सभी का भुगतान हो गया है। केंद्र पर जनरेटर न होने से ओसाई का कार्य बाधित है। केंद्र पर किसानों को बैठने आदि की भी सुविधा नहीं है।
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