अस्पताल में ही खड़े शव वाहन को दो गरीब परिवारों को शव घर तक ले जाने के लिए उपलब्ध कराने में आनाकानी करने पर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। सूचना मिलने पर जिलाधिकारी अस्पताल पहुंचे और प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को फटकार लगाई। इसके बाद शव वाहन दिया गया। जिलाधिकारी बिमल कुमार दुबे ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
सोनभद्र जनपद के दुद्धी कोरकी गांव निवासिनी रेखा पत्नी बाल गोविंद की प्रसव के बाद हालत बिगड़ने पर मंगलवार को मिर्जापुर महिला चिकित्सालय रेफर किया। अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने रेखा को मृत घोषित कर दिया। इसके अलावा एक अन्य मामले में सोनभद्र जनपद के ही थाना माची क्षेत्र के बाकी गांव के महेंद्र की पत्नी फूलकुमारी की भी प्रसव के बाद खून की कमी के चलते हालत गंभीर होने पर उसे भी मंगलवार की सुबह मंडलीय चिकित्सालय रेफर किया गया था। शाम को उपचार के दौरान फूलकुमारी की भी मौत हो गई। दोनों महिलाओं की मौत के बाद साथ मौजूद परिवार के लेाग पैसे की कमी के चलते शव नहीं ले जा पा रहे थे। उन्होंने चिकित्सालय प्रशासन से शव को घर भिजवाने की गुहार लगाई। महिला अस्पताल की सीएमएस किरण कला ने प्रमुुख अधीक्षक डॉ. ओपी शाही को पत्र लिख कर शव वाहन की मांग की लेकिन एसआईसी ने शव वाहन नहीं दिया। साथ ही पत्र की भाषा पर नाराजगी जताई। इसकी जानकारी होने पर महिला अस्पताल की सीएमएस ने सीएमओ को सूचना दी और सीएमओ ने डीएम को। जिलाधिकारी रात करीब 11 बजे मंडलीय चिकित्सालय पहुंचे। उनको एसआईसी ने बताया कि शव वाहन दुद्धी गया है। तभी किसी ने बताया कि वाहन उनके कक्ष के पीछे ही खड़ा है। इसके बाद जिलाधिकारी ने एसआईसी को कड़ी फटकार लगाई और सीएमओ को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए। बाद में शव वाहन उपलब्ध कराया गया।
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महिला चिकित्सालय तथा मंडलीय चिकित्सालय में मंगलवार को देर शाम दो महिलाओं की मौत हुई थी। उनके शव घर ले जाने के लिए वाहन चाहिए थे। वाहन देर रात आया तो उन्हें उपलब्ध कराया गया।-डा. ओपी शाही, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, मंडलीय चिकित्सालय
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सोनभद्र के दो महिलाओं की मौत होने पर उनके शव को घर पहुंचाने के लिए एसआईसी से शव वाहन उपलब्ध कराने को कहा गया लेकिन उन्होंने वाहन नहीं उपलब्ध कराया। शिकायत पर डीएम खुद देर रात अस्पताल पहुंचे और कड़ी नाराजगी जताते हुए वाहन उपलब्ध करा।-डा. उमेश यादव, मुख्य चिकित्साधिकारी