मिर्जापुर। जिगना थाना क्षेत्र के भौरुपुर साटन पट्टी गांव में दहेज हत्या मामले में सास-ससुर की जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश आसिफ इकबाल रिजवी ने प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
छत्तर लाल निषाद ने 27 फरवरी को तहरीर देकर बताया कि बेटी ऊषा का विवाह एक वर्ष पहले जिगना थाना क्षेत्र के भौरुपुर साटन पट्टी गांव निवासी मनबोध के पुत्र गोपाल से हुआ था। दहेज देने के बाद भी बाइक और एक लाख रुपये की मांग करते हुए गोपाल और ससुर मनबोध बेटी ऊषा को मारते थे। 27 फरवरी को हत्या कर फंदे से लटका दिया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मनबोध और सहराजी देवी पर दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज की। दोनों को जेल भेज दिया। दोनों ने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत याचिका प्रस्तुत कराया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। सुनवाई कर अपर सत्र न्यायाधीश आसिफ इकबाल रिजवी ने दोनों की याचिका निरस्त कर दी।