अब किडनी के मरीजों को लाखों रुपया खर्च कर अपना इलाज करानेे के लिए बनारस या इलाहाबाद समेत अन्य जनपदों में नहीं जाना पड़ेगा। उनका इलाज मंडलीय चिकित्सालय के नए भवन में बनने वाले डाइलिसिस सेंटर में मुफ्त में होगा। इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है। जमीन चिह्नित कर लिया गया है। अगले कुछ महीने में सेंटर बना कर तैयार कर लिया जाएगा।
बता दें कि विंध्याचल मंडल के किडनी के मरीज लाखों रुपये खर्च कर बनारस या इलाहाबाद में अपना इलाज कराने जाते थे। इससे उनको आर्थिक रूप से क्षति तो होती ही थी, साथ ही परेशानियों का सामना भी करना पड़ता था। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंडलीय चिकित्सालय परिसर में ही डाइलिसिस सेंटर खेलने का निर्णय लिया है। लगभग सवा दो करोड़ की लागत से बनने वाले सेंटर के निर्माण की जिम्मेदारी हेरीटेज वाराणसी संस्था को सौंपी है।
भवन बनाने के लिए रविवार को डा. बद्री विशाल निदेशक चिकित्सा उपचार लखनऊ ने मंडलीय चिकित्सालय का निरीक्षण कर स्थान को चिह्नित किया। निर्णय लिया कि मंडलीय चिकित्सालय के नए भवन के प्रथम तल पर सेंटर बनाया जाएगा। इसके लिए उन्होंने प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक मंडलीय चिकित्सालय डा. ओमप्रकाश शाही को जमीन हैंडओवर करने को कहा है। जमीन देते ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा और डेढ़ माह के अंदर सेंटर बन कर तैयार हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने मरीजों को मुफ्त में इलाज देने की सुविधा प्रदान की है। कहा कि मरीजों से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। वहीं मंडलीय चिकित्सालय में सिटी स्कैन की सुविधा अगले कुछ महीनों में उपलब्ध होगी। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।