शारदीय नवरात्र के अंतिम दिन मंगलवार को नवमी तिथि पर मां विंध्यवासिनी के दरबार में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मां विंध्यवासिनी का विधिवत दर्शन कर श्रद्धालु घरों की ओर रवाना हो गए। मंगलवार को भोर में मंगला आरती के बाद दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हुआ।
विंध्य धाम में अधिकांश स्थानों के अलावा मंदिर की छत पर कई साधक साधनारत रहे। साधु, सन्यासी और साधकों ने अपने अनुष्ठान की पूर्णाहुति कर मंदिर परिसर स्थित हवन-कुंड में आहुतियां डालीं। नौ कुंआरी कन्याओं का पूजन भी किया। मंगलवार को दोपहर 12 से अपराह्न एक बजे तक शृंगार और आरती के लिए मंदिर का कपाट बंद होने पर विंध्याचल की गलियों में प्रसाद हाथों में लिए श्रद्धालु कतारबद्ध होकर अपने-अपने स्थानों पर बैठ गए थे। मंदिर का पट खुलने के बाद नगाड़ा और शहनाई की गूंज से मंदिर परिसर फिर गुंजायमान हो गया। दोपहर के बाद विंध्याचल रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व टैक्सी स्टैंडों पर लोग अपने सामानों के साथ आवागमन के लिए सवारी वाहनों का इंतजार करते रहे।
उधर, दोपहर बाद हुई बारिश से मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। दर्शन के लिए कतारबद्ध खड़े श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पास बना वाटर प्रूफ पंडाल ही सहारा बना रहा। बारिश के कारण जमीन पर बिछाए गए मैट भीग गया। कई श्रद्धालु बारिश के दौरान ही मंदिर की ओर जाते दिखाई दिए। बारिश थमने पर विंध्य धाम की विभिन्न गलियों व सड़कों पर भीड़ का दबाव बढ़ गया। सड़कों व गलियों में जगह-जगह पानी भर जाने व कीचड़ के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
उधर, भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह ने मंगलवार को मां विंध्यवासिनी का दर्शन व कुंवारी कन्याओं का पूजन किया।
दर्शन पूजन के बाद एक होटल अनौपचारिक बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश की खुशहाली के लिए उन्होंने मां विंध्यवासिनी से कामना की है। प्रकृति ने बारिश कर सुखद संदेश दिया है। नगरी निकाय चुनाव के संबंध में पूछे जाने पर वे मुस्कराकर टाल गए। इस दौरान नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष बृजभूषण सिंह आदि मौजूद रहे।