बस्ती में दूकान खुलने के बाद शराबियों के उत्पात से तंग आकर ग्रामीण एक पखवारे से बस्ती से दुकान हटाने का विरोध कर रहे थे। उनके विरोध के बावजूद शराब की दुकान बन्द न होने से गुस्साए ग्रामीणों ने रविवार को जमकर तोड़फोड़ की। ठेकेदार व सेल्समैन को भी पीट दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझा कर दुकान बंद कराया तब मामला शांत हुआ। पुलिस ने कहा कि आबकारी बिभाग की सलाह पर जगह का चयन होने तक दूकान खोलने की इजाजत नहीं दी जायेगी। उधर, सेल्समैन ने ग्रामीणों पर 50 हजार रुपये और 20 पेटी शराब की लूटने का आरोप लगाया है। इस मामले में मारपीट और बलवा का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
न्यायालय के आदेश है कि नेशनल एवं स्टेट हाईवे पर स्थित शराब की दूकानों को बंद कर उससे पांच सौ मीटर दूर दूकान खोलने को कहा कहा गया है। हाइवे से बंद होने पर आबकारी विभाग ने मड़िहान क़स्बा में देशी शराब की दूकान को एक अप्रैल से बनदेईया गांव की सोनकर बस्ती में खोला गया था। शराब की दूकान खुलते ही शराबियों के उत्पात से ग्रामीण महिलाओं का जीना दूभर हो गया था। विद्यालय के नजदीक होने से छात्र छात्राओं पर भी असर पड़ने लगा। जद में विद्यालय आने से अध्यापक अभिभावक भी विरोध प्रकट कर रहे थे।
अधिकारियों की शह पर ठेकेदार सुनने को तैयार नहीं था। रविवार को जनता का आक्रोश बिगड़ा तो अधिकारी भी मजबूर हुए। इमिलिया चौरासी की दुकान बस्ती में खोलने व रजौहा में आधा दर्जन सरकारी व अर्ध सरकारी विद्यालय है। इन विद्यालयों में लगभग तीन हजार छात्र छात्राए शिक्षा ग्रहण करने के लिए विभिन्न गांवों से आते है। स्थानीय विरोध के बावजूद अधिकारियों के कान पर जूं नहीं रेंग रहीं।