राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के तत्वावधान में निषाद समाज के लोगों ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर पांच सूत्री मांग पत्र जिला प्रशासन को सौंपा। इस दौरान महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष अपर्णा निषाद ने निषाद आरक्षण की मांग के दौरान सात जून को गोरखपुर के कसरवल गांव में हुए गोलीकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग करते हुए नुकसान हुए लोगों के सामानों का मुआवजा देने की मांग की। कहा कि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो 17 जुलाई से प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सात जून को कसरवल गोलीकांड की घटना गोरखपुर पुलिस प्रशासन की ओर से की गई। इसमें एक कार्यकर्ता अखिलेश निषाद की गोली लगने से मौत हो गई। इतना ही नहीं, 37 आंदोलनकारियों पर फर्जी तरीके से कई धाराएं लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कुछ दिन बाद ही आंदोलनकारियों पर 302 की धारा में भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
मांग की कि केवट, मल्लाह तथा मांझी को अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र अथवा रेणुका आयोग की रिपोर्ट के अनुसार क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट से प्रभावित जातियों को 7.5 प्रतिशत का आरक्षण लागू किया किया जाए। अखिलेश निषाद को अमर शहीद का दर्जा एवं उसके आश्रितों को आर्थिक सहायता दी जाए। कसरवल गोलीकांड में गोरखपुर आंदोलनकारियों पर लगे मुकदमों को वापस लिया जाए एवं उन्हें बिना शर्त जेल से रिहा किया जाए, पुलिस प्रशासन द्वारा जलाए गए आंदोलनकारियों के वाहनों की क्षतिपूर्ति अविलंब दी जाए। गोलीकांड में अखिलेश निषाद की हत्या की सीबीआई जांच कराकर दोषियों को दंडित किया जाए।