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झोलाछाप के इलाज से गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत

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पटेहरा। लालगंज थाना क्षेत्र के घोरी गांव के पनियरा मजरे में झोलाछाप के इलाज से महिला के गर्भ में पल रहे सात माह के बच्चे की मौत हो गई और महिला की हालत गंभीर बनी है। प्रसूता की मां ने पुलिस चौकी में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
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गांव निवासी सिताबी देवी का आरोप है कि 17 मई शाम को उसकी 21 वर्षीय पुत्री रंजना को बुखार आने पर पटेहरा स्थित एक झोलाछाप के पास ले गई। उसने टाइफाइड और मलेरिया बताकर गर्भवती रंजना को एक इंजेक्शन लगाने के बाद कुछ दवा देकर घर भेज दिया। देर रात बेटी दर्द से कराहने लगी। बेटी की हालत को देख 18 मई की सुबह उसे वापस डाक्टर के पास लेकर गई तो डाक्टर ने रंजना की हालत को देखते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया और डांट-फटकार कर भगा दिया। इसके बाद दर्द से कराह रही बेटी को पटेहरा पीएचसी ले गई। जहां डाक्टर वाजिद जमील ने रंजना की हालत को गंभीर देखते हुए मंडलीय अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। 102 की मदद से मां बेटी को लेकर मंडलीय अस्पताल पहुंची। जहांडाक्टरों ने बताया कि गलत दवा के कारण गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो चुकी है। डाक्टर ने मृत बच्चे को बाहर निकाला पर रंजना की हालत गंभीर बनी हुई है। मंगलवार को रंजना की मां सिताबी देवी ने पटेहरा चौकी पर झोलाछाप के खिलाफ लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पटेहरा चौकी प्रभारी हवलदार पाल ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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