सीखड़। चुनार कोतवाली क्षेत्र के तम्मनपट्टी गांव में एक सप्ताह पहले जमीन कब्जे के विरोध में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से झुलसी महिला की मौत के बाद सोमवार की रात पुत्र की भी मौत हो गई। मंगलवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शव घर आया। शव के पहुंचने पर परिवार मेें कोहराम मच गया। परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क किनारे रखकर आक्रोश जताया। परिजनों ने नामजद के साथ अज्ञात आरोपित और जमीन पर कब्जा आदि की मांग पूरा न किए जाने पर आक्रोश जताया। दो घंटे बाद परिजन शव लेकर घर गए लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में फोर्स तैनात है।
ईश्वरपट्टी गांव निवासी छोटेलाल भारती ने 28 वर्ष पहले मिश्रपुरा निवासी अछैवर सिंह से कछवां-चुनार मार्ग पर एक बिस्वा जमीन का बैनाम कराया था। 29 जून को जमीन पर जय कृष्ण पक्ष के लोग पहुंच कर नींव की खोदाई करने लगे। इस पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। इस दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से छोटेलाल की पत्नी मीना देवी और उसका पुत्र अंकित (15) भी झुलस गया। झुलसी महिला की अगले दिन मौत हो गई थी। सोमवार रात अंकित की भी मौत के बाद मंगलवार की शाम उसका शव गांव पहुंचा। परिजन विवादित जमीन के पास शव रखकर आरोपितों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग करने लगे। मौत की खबर पर एसडीएम चुनार सुरेंद्र बहादुर और सीओ चुनार सुशील कुमार यादव चुनार कोतवाली की फोर्स के साथ सुबह से डटे थे। शाम को शव आने पर परिजनों से बात की। परिजन अज्ञात की गिरफ्तारी और जमीन की मांग को लेकर अड़े थे। एकलव्य सेना के दीपक ने प्रशासन पर अश्वासन पूरा न करने का आरोप लगाया। शाम को परिजन शव लेकर घर चले गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में फोर्स तैनात है।
प्रतिनिधियों पर भी परिजन में गुस्सा
सीखड़। पत्नी और पुत्र को खोने के बाद छोटेलाल का रो-रोकर बुरा हाल है। एसडीएम से यही गुहार लगाते रहे कि नमक-रोटी खा कर किसी तरह से जमीन खरीदी थी। उस पर कब्जा न हो सके और पत्नी व बच्चे को खो दिए। अधिकारी आश्वासन पूरा नहीं कर पाए। जन प्रतिनिधि भी हाल जानने नहीं आए।