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27 दिन में खर्चे 17 लाख, फिर भी नहीं बचा लाल

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मिर्जापुर। कोरोना पीड़ित पुत्र के इलाज के लिए एक पिता ने 27 दिनों में 17 लाख रुपये खर्च कर दिए। इसके बाद भी पुत्र को नहीं बचा सके। अधिवक्ता पिता ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज के नाम पर पैसा ऐंठने का आरोप लगाया है। पिता का कहना है कि अगर अस्पताल प्रशासन कोशिश करता तो उनका पुत्र बच सकता था।
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नगर के रतनगंज धोबियाना गली निवासी इनकम टैक्स के वरिष्ठ अधिवक्ता नंदलाल सिंह ने बताया कि उनका 40 वर्षीय पुत्र बृजवासी सिंह साफ्टवेयर इंजीनियर था। वह पत्नी और दो पुत्रियों के साथ नोएडा में रहता था। 27 दिन पहले तबीयत बिगड़ने पर नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां उपचार के दौरान 12 लाख रुपये और पांच लाख की दवा बाहर से मंगाई गई। इस दौरान कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई, आक्सीजन लेवल भी 95 आ गया था। दो दिन पूर्व अस्पताल कर्मचारियों ने उनके पुत्र को मृत घोषित कर दिया। आरोप लगाया कि अस्पताल के कर्मचारी मरीज को देखने के लिए नहीं जाने देते थे। बताया कि अस्पताल के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते उनके पुत्र की मौत हो गई।
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