विंध्याचल धाम क्षेत्र में नवरात्र मेला शुरू होने में बमुश्किल से चार दिन बचे हैं मगर तैयारी सुस्त चल रही है। बदहाल सड़कें, गंदगी, सिल्ट से पटे घाट, बजबजाती नालियां, बिजली के लटकते तार मेला व्यवस्था की पोल खोलने को काफी हैं। आला अधिकारियों ने व्यवस्था दुरूस्त कराने को कड़े निर्देश दिए थे लेकिन कर्मचारी अपनी गति से काम कर रहे हैं।
विंध्याचल में नवरात्र मेले की शुरुआत 29 मार्च से होगी। जिलाधिकारी ने 26 तक सारी तैयारियां पूरी करने को कहा था। मगर जिस रफ्तार से तैयारी चल रही है, इससे तो नहीं लगता कि नवरात्र मेला शुरू होने से पहले व्यवस्था चाक-चौबंद हो पएगी।
क्षतिग्रस्त नालियां बजबजा रही हैं। गंगा घाटाें पर चारों तरफ सिल्ट जमा है और कूड़े का ढेर लगा हुआ है। न्यू वीआईपी रोड व पुरानी वीआईपी रोड पर लगे प्लास्टिक के क्षतिग्रस्त शेड को दुरूस्त कराने का कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है। मेला क्षेत्र में जगह-जगह खुली नालियां मुंह चिढ़ा रही हैं। खुली नालियाें के चलते मच्छर बढ़ गए हैं। सेंट्रल बैंक गली, स्टेशन रोड गली, पक्काघाट गली, फतेपुरी गली, भट्टजी की गली की क्षतिग्रस्त नालियों को ठीक नहीं कराया जा रहा है। मेला क्षेत्र में छुट्टा पशुआें को पकड़वाने की कोई कवायद नहीं शुरू हुई।
विंध्याचल, शिवपुर, रामगयाघाट, बनवारीपुर एवं पूरे कंतित व गजिया में पेयजल समस्या है। पक्काघाट, इमलीघाट, भैरोघाट, परशुरामघाट, बाबूघाट, कच्चाघाट, अखाड़ाघाट, गुदाराघाट पर जगह-जगह सिल्ट हटाने का काम नहीं शुरू हुआ। घाटों पर न तो महिलाआें के वस्त्र बदलने का कोई स्थान बन पाया है और न ही साफ-सफाई व पेयजल समस्या से निजात की कोई व्यवस्था हो पाई है। रोडवेज परिसर व प्राइवेट बस स्टैंडों पर चारों तरफ गंदगी पसरी हुई है। ऐसे में दूरदराज से आने वाले भक्तों परेशानी होगी।