Mirzapur News: मंदिर के गर्भगृह में करंट उतरने के बाद थोड़ी देर के लिए हड़कंप मच गया। मंदिर प्रशासन के लोगों ने त्वरित तौर पर मामले की जांच की। इस गड़बड़ी की भी जांच की जा रही है।
मां विन्ध्यवासिनी के गर्भगृह में सोमवार की शाम करंट उतरने से शोर-शराबा होने लगा। गर्भगृह में बैठे पुरोहित घबरा कर खड़े हो गए। अचानक से तीन-चार सेकंड तक लगे करंट से सभी घबरा गए।
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गुप्त नवरात्र होने के चलते मां के दरबार में दर्शन-पूजन का सिलसिला चल रहा था। गर्भगृह में बैठे पुरोहित ने बताया कि हम लोग एक हाथ स्वर्ण जड़ित खम्भे पर और एक हाथ पीतल के चबूतरे पर रखे थे।
कहा कि लगभग चार बजे के करीब अचानक से जोर का झटका लगा। कुछ समझ ही नहीं आया। जब झटका समाप्त हुआ तो हम लोग फर्श पर खड़े हो गए। हम लोग डर के चलते पीतल लगे चबूतरे पर नहीं बैठ रहे थे। थोड़ी देर बाद हम पुनः बैठे आसन पर तब से फिर दोबारा कोई करंट नहीं लगा।
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मंदिर पर मौजूद पुरोहित राजन पाठक ने भी बताया कि करंट जैसा झटका लगा था, जो सिर्फ गर्भगृह में ही था। साथ ही मंदिर में मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि लाइन में खड़े एक श्रद्धालु के बच्चे को भी झटका लगा है।
विंध्य कॉरिडोर परिक्रमा पथ के निर्माण के पश्चात सभी चार मार्गों और परकोटा में विद्युत विभाग द्वारा तार को अंडरग्राउंड कर दिया गया है। अंडरग्राउंड तार होने से कोई न कोई समस्या आ रही है। विगत दिनों तेज बारिश होने पर कोतवाली मार्ग सदर बाजार में एक बिजली सप्लाई का पैनल गिर गया था, जिसके कारण मां विंध्यवासिनी मंदिर परिक्रमा पथ सहित अन्य चार प्रमुख मार्गों की बिजली करीब दो घंटे के लिए बंद हुई थी।