विंध्याचल। वैशाख शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर शुक्रवार को मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए आस्थावानों की भीड़ उमड़ पड़ी। मंगला आरती के बाद दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर रात तक चलता रहा।
विंध्यधाम में भोर से ही भीड़ उमड़ने लगी। गंगा स्नान के बाद मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए मंदिर से गलियों तक कतारें लग गईं। मंगला आरती के बाद भक्तों के लिए कपाट खोल दिए गए। घंटा, घड़ियाल, शंख व नगाड़े की धुन के बीच पहाड़ा वाली के जयघोष से विंध्यधाम गुंजायमान रहा। मंदिर की छत पर साधक अनुष्ठान में लगे रहे। त्रिकोण परिक्रमा पथ पर महाकाली और मां अष्टभुजी के दरबार में भी भक्तों की कतारें लगी रहीं।