क्रिकेट खेलने को लेकर हुए विवाद के चलते तीन लोगों ने 19 नवंबर की रात चुनार कोतवाली क्षेत्र के बड़ा गांव के पास रामलाल उर्फ यादव लालबाबा की गोली मार कर हत्या की थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए थे। हत्याकांड में शामिल तीनों आरोपियों को चुनार कोतवाल ने शुक्रवार की भोर तीन बजे चुनार रेलवे क्रासिंग के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 32 बोर का पिस्टल और एक कारतूस बरामद हुआ है। पूछताछ करने के बाद सभी को जेल भेज दिया गया है। ये बातें पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने कटरा कोतवाली में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान शुक्रवार को बताई।
उन्होंने बताया कि चार माह पूर्व पिरल्लीपुर गांव निवासी आरोपी यश व मृतक के बेटे शिवशंकर के बीच पिरल्लीपुर गांव में क्रिकेट खेलने को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद यश ने अपने भाई मनीष के साथ मिल कर शिवशंकर की पिटाई कर दी थी। घटना के बाद यश गैर जनपद चला गया था। कुछ दिन पूर्व लौटा तो शिवशंकर ने यश तथा उसके भाई मनीष को पकड़ कर अपने ढाबे में बंद कर काफी मारा पीटा। मामले की जानकारी होने पर पहुंचे यश के परिजन दोनों को छुड़ा कर घर ले आए। जिसका बदला लेने के लिए यश ने शिवशंकर तथा उसके पिता रामलाल यादव की हत्या करने की ठान ली।
19 नवंबर की दोपहर जब यश को पता चला कि शिवशंकर व रामलाल किसी कार्यक्रम में शामिल होने बड़ागांव गए हैं तो वह अपने भाई मनीष तथा पिता रामजी यादव के साथ बड़ागांव पहुंचा। रात करीब दस बजे जैसे ही रामलाल आते हुए दिखाई दिया तो पहले से घात लगा कर बैठे रामजी, यश तथा मनीष ने रामलाल को रोक लिया और गोली मार कर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों फरार हो गए।
पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ नामजद मुकदमा पंजीकृत कर उनकी तलाश शुरू कर दी। वहीं शुक्रवार की भोर में चुनार कोतवाल विश्वत्योति को सूचना मिली कि यश अपने भाई व पिता के साथ कहीं भागने वाला है। रेलवे क्रासिंग के पास खड़े होकर तीनों वाहन का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे और तीनो को दबोच लिया।