रिश्ते के चाचा ने गनेशगंज निवासी सराफा व्यापारी माता प्रसाद जायसवाल के हत्या की साजिश रची थी। उसने अपने साथियों के साथ मिल कर 17 जुलाई की रात फांसी का फंदा लगाया और चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। उसके बाद हत्यारोपी तिजोरी में रखी करीब 12 लाख रुपये कीमत की 24 किलो चांदी लूटकर फरार हो गए थे। इस बात का खुलासा एसपी अरविंद सेन ने किया।
पुलिस लाइन में मंगलवार को उन्होंने मीडिया को बताया कि 17 जुलाई की रात गनेशगंज निवासी माता प्रसाद जायसवाल (40) अज्ञात लोगों ने उसके ही घर में गला काट कर मार डाला था। घटना के बाद क्राइम ब्रांच व कटरा कोतवाली पुलिस के नेतृत्व में दो टीमें गठित कर जांच की जा रही थी। एक अगस्त की रात देहात कोतवाल शफीक अहमद व क्राइम ब्रांच प्रभारी विजय प्रताप व कटरा कोतवाल सुनील दत्त दूबे को सूचना मिली कि सराफा व्यापारी की हत्या में शामिल तीन आरोपी लूट का माल बेचने जा रहे हैं। टीम ने अर्जुनपुर गांव के पास रात करीब ढाई बजे घेराबंदी कर तीनों बदमाशों को पकड़ लिया। उन्होंने पूछताछ में बताया गया कि माता प्रसाद सोने चांदी का व्यापारी था। उसके पास हमेशा 50 किलो चांदी रहती थी। इसकी जानकारी टंडनपुरी कालोनी बथुआ के रहने वाले उसके रिश्ते के चाचा गंगाराम को थी।
उन्होंने बताया कि माता प्रसाद अविवाहित था। उसकी शादी कराने के बहाने गंगाराम ने अपने साथियों के साथ मिल हत्या और लूट की योजना बनाई। इसके लिए उसने पड़री थाना क्षेत्र के रामनगर सिकरी गांव निवासी रामकेवल उर्फ मुन्नर पासी का सहारा लिया। मुन्नर को लड़की का पिता बना कर माता प्रसाद के घर भेजा। उसने अपनी बेटी की शादी माता से करने की इच्छा जताई। शादी की बात सुनते ही माता प्रसाद खुश हो गया। 17 जुलाई की रात गंगाराम अपने तीनों साथियों के साथ माता प्रसाद के घर पहुंचा और दरवाजा खुलवाया। दरवाजा खोलते ही आनंद ने माताप्रसाद के सिर पर तमंचा सटा दिया और उससे तिजोरी की चाबी ले ली और 24 किलो चांदी समेट लिया। उन्होंनेे गमछे का एक फंदा बना उसके गले में फंसा दिया और सीढ़ी के पास लगे चुल्ले में लटका दिया। माता प्रसाद की मौत नहीं हुई तो मुन्नर ने गला रेतकर उसे मार डाला।
पुलिस टीम को पुरस्कार
माता प्रसाद हत्याकांड का खुलासा करने पर आईजी वाराणसी जोन एसके भगत , डीआईजी रतन कुमार श्रीवास्तव व पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन ने टीम को 30 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।
सर्विलांस का अहम रोल
हत्याकांड के खुलासे में सर्विलांस का अहम रोल रहा। सर्विलांस प्रभारी अजय यादव द्वारा माता प्रसाद व हत्यारोपियों के बीच हुई बातचीत का कॉल डिटेल निकालते ही मामले से पर्दा उठ गया।
दीवार में छिपाई चांदी
लूटी गई 24 किलो चांदी का आरोपियों ने बंटवारा नहीं किया था। उसे मुन्नर को छिपा कर रखने के लिए दिया गया था। मुन्न्नर ने अपने घर की दीवारों को जगह-जगह खोद कर उसे चुनवा दिया था। पुलिस ने दीवार खोद कर चांदी बरामद की।
बाटी खिलाने की थी तैयारी
गंगाराम ने माता प्रसाद की हत्या की ऐसी साजिश रची थी, जिसमें किसी भी तरह से फेल होने की कोई गुंजाइश नहीं थी। गंगाराम ने बताया था 17 जुलाई को मुन्नर ने सूचना दी थी कि वह अपने साथियों के साथ उसे देखने आ रहा है। माता प्रसाद के घर में कोई महिला नहीं होने पर उसने बाटी-चोखा की पार्टी रखी गई थी, वह दोपहर में ही आटा गूंथ लिया था।