अहरौरा थाने में निरीक्षण के दौरान पुलिस कर्मियों से हथियार खुलवाकर देखते एसपी अरविंद सेन।
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श्रीमान जी आप नक्सल सीओ है। आपके क्षेत्र के दरोगाओं को असलहा खोलना नहीं आता है। सिपाहियों के क्या कहने। हालत यही रही तो तमंचा वाला मार कर चला जाएगा। यह वक्तव्य है पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन का जो शनिवार को अहरौरा थाने का निरीक्षण करने आए थे।यहां निरीक्षण के दौरान उन्होंने तीन दारोगाओं को पाया कि वह इंसास रायफल नहीं खोल पा रहे हैं।
नक्सल इलाके में तैनात पुलिसकर्मियों को विशेष भत्ता भी सरकार देती है। एसपी ने अक्षमता के चलते उपनिरीक्षकों को चेतावनी दी तथा आरक्षियों को अर्दली रूम का रास्ता दिखा दिया। वहीं शस्त्रागार अभिलेख, कारागार तथा सफाई सफाई के लिए हेड मोहर्रिर को पुरस्कार से नवाजा। अहरौरा थाने पर शनिवार की शाम संतरी क्या तीन दारोगा तक इंसास राइफल नहीं खोल सके।
वहीं दूसरी ओर उपनिरीक्षक शैलेश राय ने एके 47, रामवंत यादव, श्रीराम यादव तथा कविंद्र यादव को एलएमजी के कुशलता पूर्वक खोलकर बांधने के लिए पुरस्कृत किया गया।
अपराध वृद्धि के मामले में वाहन चोरी में दो तथा अन्य अपहरण में वृद्धि पाई गई। अभिलेख के रख रखाव तथा साफ सफाई के लिए हेड मोहर्रिर सुनील कुमार व रामअवतार यादव को भी पुरस्कार दिया।