जनपद न्यायाधीश गोपाल कुलश्रेष्ठ की अदालत ने बहू की दहेज के लिए जला कर मार दिए के आरोप में सास तथा पति को दोष सिद्ध पाए जाने पर सात वर्ष की कड़ी कैद की सजा सुनाई। प्रत्येक को पांच पांच हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया।
अभियोजन अनुसार देहात कोतवाली क्षेत्र के डिंगुर पट्टी गांव निवासी भोलानाथ पुत्र सहदेव ने अपनी पुत्री सविता देवी की शादी घटना से तीन वर्ष पूर्व क्षेत्र के छीतपुर गांव निवासी रामधनी के साथ किया था। दहेज में एक लाख रुपया नगद आटो खरीदने के लिए पत्नी को मायके से लाने के लिए दबाव बनाता था और मारता पीटता था। एक अगस्त 2010 को लगभग दस बजे रात दोनों मिल कर करके मिट्टी का तेल डाल कर जला दिए। सौ प्रतिशत जलने के बाद उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी मौत हो गई थी।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति रामधनी व सास श्यामकली के विरुद्ध धारा 498 ए,304 बी तथा 3/4 डीपी एक्ट में मुकदमा पंजीकृत कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया था। अभियोजन की तरफ से शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आशुतोष अग्रवाल ने सात गवाह परीक्षित कराये।
इसकी सुनवाई बुधवार को न्यायालय द्वारा की गई। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान व अधिवक्ताओं की दलील के बयान के आधार पर न्यायालय ने सविता की जला कर हत्या किए जाने के जुर्म में सास श्यामकली तथा पति रामधनी को दोषसिद्ध पाते हुए सात वर्ष की कड़ी कैद की सजा सुनाई। साथ ही पांच पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित कर जेल भेज दिया।