लालगंज क्षेत्र के मिश्रपुर गांव में शुक्रवार की दोपहर साढ़े 12 बजे अज्ञात कारणों से मड़हे व मकान में आग लगने से आठ वर्षीय बालक की जलकर मौत हो गई जबकि उसके बड़े पिता झुलस गए। आग से गृहस्थी का सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना के करीब ढाई घंटे बाद दमकल पहुंची तो ग्रामीण भड़क गए। नाराज ग्रामीणों ने मिर्जापुर-रीवां मार्ग को जाम कर दिया। एसडीएम ने मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर तीन घंटे बाद जाम समाप्त कराया।
इलाहाबाद के कोरांव निवासी अरविंद और छोटेलाल लंबे समय से मिश्रपुर गांव के रमेश त्रिपाठी के मकान में रह रहे हैं। दोनों भाई बटाई पर खेती करते हैं। शुक्रवार को खाना खाने के बाद दोनों के परिवार के सदस्य घर में सोए थे। अरविंद के बेटे अंशु (8) व विनय (12) तथा छोटेलाल का पुत्र दीपक (12) व रवि (8) बगल के मड़हे में खेल रहे थे। दिन में साढ़े 12 बजे किसी कारण से मड़हे में आग लग गई। चारों लड़के भागकर घर में घुस गए। शोरगुल होने पर परिवार के लोगों की नींद खुली तो लोग आग बुझाने में जुट गए।
मड़हे में लगी आग के बुझने से पहले ही आग बढ़कर मकान तक आ गई। आग की लपटों से घिरे बालक चीख पुकार मचाने लगे। किसी तरह छोटेलाल छप्पर को काटकर मकान में घुसा और विनय, रवि तथा दीपक को बाहर निकाला। मारे डर के अंशु कोने में छिप गया था, जिसे छोटेलाल देख नहीं पाया। अंशु झुलसने लगा तो उसने शोर मचाना शुरू किया। छोटेलाल घर में घुसे लेकिन अंशु को बचा नहीं पाए। वह दम तोड़ चुका था। इस प्रयास में वह भी झुलस गए।
आग से एक ट्रैक्टर व दो थ्रेसर भी जलकर नष्ट हो गए। गृहस्थी का सारा सामान भी जल गया। लोगों ने घटना की तुरंत सूचना दी थी लेकिन दमकल ढाई घंटे घंटे बाद पहुंची। इससे नाराज ग्रामीणों ने मिर्जापुर-रीवां मार्ग को जाम कर दिया। लोग पीडि़त परिवार को मुआवजा देने की मांग करने लगे। सड़क जाम होने से वाहनों की लंबी कतारे लग गई। उसके बाद एसडीएम बागीश शुक्ला, तहसीलदार रामजीत मौर्या, थानाध्यक्ष विवेक सिंह पहुंचे। उन्होंने मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर तीन घंटे बाद जाम समाप्त कराया।