मिर्जापुर। कछवां थाने क्षेत्र के बरैनी पक्का पुल पर मुर्गा व्यवसायियों के साथ एक लाख 30 हजार की लूट मामले का पुलिस ने 36 घंटे में खुलासा कर दिया। मुर्गा लेने जा रहे तीनों कर्मचारियों ने मालिक से मिले पैसे को आपस में बांट कर लूट की झूठी साजिश रची थी। एएसपी सिटी प्रकाश स्वरूप पांडेय ने बुधवार को पुलिस लाइन स्थित मनोरंजन कक्ष में मामले का खुलासा करते हुए तीनों आरोपितों को जेल भेज दिया।
कटरा कोतवाली क्षेत्र के रतनगंज निवासी जमील अहमद ने अपने कर्मचारी छोटा मिर्जापुर निवासी असगर, शाहिद निवासी रतनगंज व जैनूद्दीन खां को आठ कुंतल मुर्गा लेने के लिए एक लाख 30 हजार रुपया देकर कछवां रोड भेजा था। तीनों ने भटौली-बरैनी पक्का पुल पर बोलेरो सवार पर तमंचा दिखाकर रुपया लूटने का आरोप लगाया। लूट मामले में एसपी अमित कुमार ने सीओ सदर संजय सिंह के नेतृत्व में कछवां और क्राइम ब्रांच की टीम का गठन किया। पुलिस ने मामले में छानबीन कर शक होने पर तीनो से कड़ाई से पूछताछ किया तो मामले का पर्दाफाश हो गया। तीनों ने बताया कि मालिक का पैसा स्टेशन पर आपस में बांट लिए। इसके बाद भटौली पहुंच कर मोबाइल को गंगा नदी में फेंक दिया। दूसरे का मोबाइल मांगकर बोलेेरो सवारों पर छिनैती का आरोप लगाया पुलिस ने असगर के पास से 50 हजार, शाहिद के पास से 50 हजार, औ जैनुद्दीन के पास से 30 हजार रुपया बरामद किया। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक कछवां मनोज कुमार सिंह, स्वाट प्रभारी राम स्वरूप वर्मा, नरेंद्र बहादुर सिंह, बृजेश सिंह, वीरेंद्र सरोज, राज सिंह राणा, संदीप राय आदि रहे।