मिर्जापुर। हलिया थाना क्षेत्र के जंगल में हुए दोहरे हत्याकांड का एक महीने बाद भी खुलासा नहीं हो सका। बाइक व गांजा पकड़कर वाहवाही लूटने वाले जिले की पुलिस दिन राहत हाथपाव पा रही है। बावजूद इसके अभी तक हत्यारोपियों का सुराग नहीं लगा पाई है, जबकि बाइक व गांजा में पुलिस को फटाक से सूचना मिलती है और वह मौके पर पहुंचकर तस्करों को दबोच भी लेती है, लेकिन इस हत्याकांड की घटना को एक माह बीत चुके है फिर भी इससे समझा जा सकता है कि पुलिस किस मुश्तैदी से कार्य कर रही है। जिसका फायदा उठाते हुए हत्यारोपी अभी भी पुलिस पकड़ से दूर है।
कहने को पुलिस को आए दिन हाईटेक किया जा रहा है ताकि वह आधुनिक उपकरण का इस्तेमाल कर संपेंस भरी घटनाओं का खुलासा कर सके, लेकिन पुलिस के यह सारे उपकरण तब फेल हो जाते हैं जब किसी जगह सनसनी खेज वारदातों को अंजाम देकर बदमाश फरार हो जाते है। जिसका खुलासा पुलिस करने में पुलिस के पसीने छूट जाते है। यहीं वजह है कि कभी कभी हत्या, छिनैैती या लूटी जैसी घटनाए नहीं खुल पाती है। ऐसा ही एक मामला हलिया के जंगल में 13 अक्तूबर को हुए वाचर व महिला श्रमिक हत्याकांड का है। जो एक माह बीत जाने के बावजूद अभी तक नहीं खुल पाया है, जबकि इस मामले में गठित टीमे हत्याकांड से पर्दा उठाने के लिए अबतक 20 से अधिक लोगों को उठाकर पूछताछ कर चुकी है। दसे से अधिक बार जंगल को खंगाल चुकी थी। इसके अलावा डीएफओ ओपी सिंह भी वन विभाग व हलिया पुलिस के साथ हत्यारोपियों का सुराग लगाने के लिए जंगल को खंगाल चुके है। वहीं 15 अक्तूबर को डीआईजी प्रेेम प्रकाश भी घटना स्थल का जायजा ले चुके है। बावजूद इसके अभी तक दोहरे हत्याकांड से पुलिस पर्दा उठी सकी। बता दें कि हलिया वन्य जीव अभयारण के मटिहरा जंगल के नाले में 13 सितंबर को वन विभाग के वाचर सुरेंद सिंह निवासी भटवारी तथा नन्हकी उर्फ धीराजी देवी श्रमिक की धारदार हथियार से अज्ञात बदमाशों ने हत्या कर दी थी। दोनों का शव दो दिन बाद 15 सितंबर की सुबह आठ बजे मटिहरा के जंगल के एक नाले से बरामद हुआ था। घटना की जानकारी होने पर पुलिस अधीक्षक आाशीष तिवारी ने हत्याकांड का खुलासा करने के लिए क्राइम ब्रांच, हलिया पुलिस व सर्विलांस की तीन टीमे गठित की थी।