जांच में पता चला कि अदलहाट और जमालपुर में नकली फर्म बनाकर कोडीन कफ सिरप बेचा गया था। पुलिस ने आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि अगस्त में बरामद कफ सिरप मामले के तार शुभम जायसवाल गिरोह से जुड़े होने के साक्ष्य मिले थे। इसके बाद चुनार थाने की पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि पुलिस की जांच में आया कि अमरजीत ने अपने कागजात पर फर्जी कंपनी बनाई थी। कंपनी बनाने के लिए प्रथम और उज्ज्वल ने अमरजीत की तलाश की। ये दोनों किसी और के लिए कार्य करते थे। उसके निर्देश पर ही अमरजीत जैसे लोगों को पकड़कर फर्जी कंपनी बनवाते थे। जांच की जा रही है। कुछ अन्य का पता चला है। एसपी ने बताया कि फर्जी फर्म बनाने के बाद खाते से तीन करोड़ का लेन-देन हुआ था। अमरजीत का खाता कोई और प्रयोग करता था। उसकी तलाश की जा रही है।
एसपी ने बताया कि अगस्त में बरामद कफ सिरप का बार कोड खरोचा गया था। गिरोह ने यह इसलिए किया था कि यदि पुलिस कफ सिरप पकड़े तो उसको सप्लाई कहां से हुई है, इसके बारे में पता न चल सके। इस कारण पुलिस को कफ सिरप का लिंक तलाशने में समय लगा।