अहरौरा जलाशय के मेन गेट की मरम्मत के लिए कार्य योजना बनाकर प्राक्कलन तैयार किया गया है और भ्रष्टाचार के खेल में बिना निविदा निकाले निर्माण कार्यदायी संस्था को सौंप दिया गया है। सिंचाई विभाग की मिलीभगत से 48 लाख की धनराशि कार्य के लिए स्वीकृत कर अवमुक्त कर दी गई है। अब विभाग और निर्माण इकाई की मिली भगत से पुराने उपकरणों को चमका कर गेट में लगाया जा रहा है।
क्षेत्र के किसानों को सिंचाई की सुविधा मुहैया कराने और फसल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए शासन ने सन 1954 में जलाशय का निर्माण कराया था। इसी सुलूस गेट से जमालपुर से लगायत गड़ाई प्रणाली और भागवत रजवाहा की चतुरीपुर, शेरवां, भाईपुर, भोकरौध, बिक्सी, चैनपुरा, चौकियां, रामपुर, बेलहर, सिकरा, बहुआर, सिकन्दरपुर सहित अन्य कई संबधित माइनरों की सिंचाई और सैकड़ो गांव की हजारों हेक्टेयर फसल सिंचित होती है। पहले भी इस गेट की मरम्मत का खेल कागजों पर खेला गया।
बिना निविदा के 48 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत कर मरम्मत कार्य संबंधित विभाग के जिम्मेदारों की मिली भगत से नियमों के विपरीत कार्यशाला स्थापन खंड कानपुर को दिया गया है। इसमें पुराने उपकरणों को लगाकर हड़बड़ी में कार्य पूर्ण किया जा रहा है। इस संबंध में वार्ता करने पर कार्यशाला स्थापना खंड के लोग टालमटोल कर मामले को रफा दफा करने मे जुटे हैं।
वर्जन-
उपकरणों की मरम्मत कराकर, उन्हें बदला जा रहा है। लोहे के नए उपकरण लगाए जा रहे हैं, रोलर खराब नहीं हुआ है।
-राजेश सिंह, अवर अभियंता कार्यशाला स्थापना खंड
इनसेट-
निर्माण और स्थापन कार्य को लेकर तय की गई है शर्तें
अहरौरा। कार्यदायी संस्था कार्यशाला स्थापन खंड की ओर से दो गेटों के निर्माण और स्थापन कार्य के अलावा गेट में लगे लिफ्टिंग असेंबली के अवयवों के लिए 48 लाख रुपए का बीजक तैयार हुआ। शर्तों में भुगतान के बाद ही ड्रॉइंग उपलब्ध कराते हुए निर्माण और स्थापन कार्य किया जाना शामिल है। बैलेंस बॉक्स में बजरी भरवाने ग्राउटिंग और अतिरिक्त सिविल कार्य को अलग से विभाग द्वारा कराया जाना भी शामिल है।
अग्रिम धनराशि मिलते ही कार्य से पहले पनपने लगा भ्रष्टाचार
अहरौरा। सुलूस गेट की मरम्मत / निर्माण और स्थापन कार्य का अग्रिम भुगतान मिलते ही कार्य से पहले योजना में भ्रष्टाचार पनपने लगा है। सुलूस गेट में पुराने रोलर का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा टॉप बीम की रंगाई पुताई कराने के बाद नया बनाकर शिफ्ट करते हुए चमका दिया है। रंग रोगन से चमक रहे गेट में लगे यह पार्ट्स सात दशक पुराने हैं।