मिर्जापुर। तीन साल पहले जल निगम की महिला जेई के साथ दुष्कर्म करने के मामले की सुनवाई करते हुए जनपद न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने बुधवार को आरोपी ठेकेदार को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को 10 साल कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
वर्ष 2022 में जल निगम में कार्यरत महिला जेई ने ठेकेदार पर छेड़खानी समेत अन्य धाराओं में कटरा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आलोक राय ने बताया कि विवेचना के दौरान दुष्कर्म समेत अन्य धाराएं बढ़ाई गई थी। मामले में नौ गवाहों को अदालत में पेश किया गया। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर आरोपी ठेकेदार सुहैल खान, निवासी सिविल लाइन गोसाई तालाब विजय गार्डेन के पास, कोतवाली शहर को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को 10 साल कारावास और 15000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर दो साल अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।