कलेक्ट्रेट में नोटबंदी के विरोध में धरना देते काग्रेस कार्यकर्ता ।
केंद्र सरकार द्वारा पांच सौ और एक हजार के नोट का चलन बंद हुए 15 दिन हो गए हैं। जिससे जनता काफी परेशान हैं। जन समस्याओं को लेकर कांग्रेसजनों ने जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताया। जिलाध्यक्ष गिरीश त्रिपाठी ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट चंद्र प्रकाश को सौंपा। उन्होंने कहा कि चर्चा में बने रहने के लिए प्रधानमंत्री के तुगलकी फरमान से जनता परेशान हैं, इससे भाजपा का भला नहीं होगा।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री अपनी विफलताओं को छिपाने और चर्चा में बने रहने के लिए ऐसा कदम उठाया है। जिससे सामान्य व्यक्ति के जीवन में भूचाल ला दिया है। जिला उपाध्यक्ष राम सिंह ने कहा कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए चर्चा में बने रहने के लिए फरमान जारी किया है। उपाध्यक्ष राकेश तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार काले धन के मामले में दोहरा मापदंड अपना रही है।
इससे किसान, मजदूर, आम आदमी, महिला खासे परेशान है। जिससे आज जरूरतमंद आत्महत्या करने को मजबूर है। जिला प्रवक्ता दयाशंकर पांडेय ने कहा कि चुनाव पूर्व काला धन देश में लाने में मोदी विफल रहे हैं। उन्होंने विधानसभा चुनाव में लाभ लेने के लिए नया शिफूगा छेड़ा है। उन्होंने कहा कि गरीबों और मजलूमों का रखा पैसा निकाल कर देश में अराजकता बढ़ाने का काम किया है।
एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश मिश्रा ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा अचानक नोट बंदी के फैसले से कई लोगों की जान जा चुकी है। इनके फैसले से लोग इलाज के लिए परेशान है। संचालन शहर अध्यक्ष अब्दुल वहीद ने किया। इस दौरान सुधाकर, स्वरुप सिंह, शिवशंकर चौबे, कमलेश दूबे, अशोक गुप्ता, श्रीराम पांडेय, अखिलेश मिश्रा, अर्चना चौबे, राजन पाठक, छोटे खान आदि रहें।