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Mirzapur News: नौ दिवसीय संगीतमयी श्री रामकथा का समापन

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क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में चल रहे नौ दिवसीय संगीतमयी श्री रामकथा के बुधवार को विश्राम दिवस पर वशिष्ठ नारायण उपाध्याय ने कहा जब तक देश में जातिवाद व धर्मवाद के उन्माद की राजनीति होती रहेगी तब तक देश में रामराज्य की स्थापना संभव नहीं है।
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उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरित मानस में लिखा है कि राम राज्य में सब नर करहिं परस्पर प्रीती। चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीती। अर्थात रामराज्य मेंं सभी धर्मानुसार आचरण करते थे। सरयू तट पर एक राजघाट बना था। उसी घाट पर वशिष्ठ जी स्नान करते थे। उसी घाट पर अयोध्या का भंगी भी स्नान करता था। राजा बनने के श्रीराम ने घोषणा की जौ अनीति कछु भाषौ भाई। तौ मोहि बरजहु भय बिसराई। राम जी ने कोई लोक लुभावन घोषणा नहीं की। राम के इन्हीं आदर्शों पर जब राजनेता चलेंगे तभी देश में रामराज्य संभव होगा। कथा का संचालन प्रकाश मिर्जापुरी एवं दीपू गिरी ने किया। इस अवसर पर प्रभुनारायन, सुनील कुमार सिंह, रंग बहादुर सिंह, मुन्ना बाबा, बनारसी सिंह, कुशल गिरी, शिवेश, शशि प्रकाश सहित सैकड़ों की संख्या में श्रीरामकथा प्रेमी मौजूद रहे।
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