रेलवे स्टेशन पर कड़ाके की ठंड में अलाव तापते लोग ।
पिछले एक सप्ताह से मौसम का मिजाज बदलने के कारण पड़ रहे घने कोहरे संग गलन-ठिठुरन व शीतलहर से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। गुरुवार को कड़ाके की ठंड पड़ने से लोग अपने-अपने घरों में रहना मुनासिब समझें। प्रात:काल स्कूल जाते समय घने कोहरे एवं लौटते समय ठंड के चलते बच्चे कांपते हुए नजर आए। गलन-ठिठुरन व शीतलहर के बावजूद नगरीय इलाकों सहित ग्राम्यांचलों में अलाव जलवाने की व्यवस्था नहीं की गई है।
गुरुवार की सुबह से पड़ रहे घने कोहरे दोपहर के 12 बजे तक छंटने का नाम नहीं ले रहे थे, जिसके कारण लोग कांपते नजर आए। पूरे दिन चली सर्द हवाओं के झोकों व गलन-ठिठुरन से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। प्रशासन की तरफ से कहीं भी अलाव जलवाने की व्यवस्था नहीं होने से जगह-जगह लोग अपने स्तर से अलाव जलवा कर तापते नजर आए।
मिर्जापुर एवं विंध्याचल रेलवे स्टेशन सहित बस स्टेशन परिसर, रोडवेज परिसर तथा किसी भी बाजारों एवं चौराहों पर पालिका प्रशासन की तरफ से अलाव जलवाने का प्रबंध नहीं होने से लोग विभाग को कोसते नजर आए।
कड़ाके की पड़ रही ठंड के कारण नगर में बिक रहे जलावनी लकड़ी व कोयले की दूकानों पर ग्राहकों का तांता लगा रहा, वहीं ऊलेन परिधानों की दूकानों पर गर्म कपड़े सहित कंबल खरीदने भी ग्राहक जुटे रहे। बाजाराें में पहुंचे कुछ लोग अच्छे किस्म की रूई से रजाई भरवाने में मशगूल दिखाई दिए। सुबह की अपेक्षा सांयकाल कोहरे काफी हद तक छट गए थे, लेकिन वातावरण में नमी के कारण एवं सर्द हवाओं के चलने से गलन व ठिठुरन बरकरार रही। नगर के कई प्रमुख बाजाराें व सड़कों पर उतनी भीड़ नहीं दिखी, जितनी अन्य दिनों में दिखा करती थी, जो लोग बाजारों में आए थे, उनमें अधिकांश लोग ठंड से बचाव के उपाय के लिए दूकानों पर खरीदारी करते दिखाई दिए।