अमर उजाला ब्यूरो मिर्जापुर। विन्ध्याचल औराई मार्ग सड़क की चौड़ाई बढ़ाने केे लिए 1689 पेड़ों की बलि ले ली गई लेकिन पैसा मिलने के बाद भी इनके स्थान पर नये पेड़ नहीं लगाये गए। पीडल्यूडी ने इसके लिए वन विभाग को एक करोड़ रुपये की राशि प्रदान कर दी है। भदोही जिले के औराई से विन्ध्याचल तक लगभग 20 किलोमीटर की सड़क की दशा बेहद खराब होने के कारण शासन ने ख्यातिलब्ध तीर्थ स्थल विन्ध्याचल तक की सड़क को चौड़ा करने करने का निर्देश दिया है। इस सड़क को चौड़ा करने के लिए भदोही जिले में और स्थानीय क्षेत्र में पेड़ों की कटाई का कार्य चल रहा है। लगभग दो माह से सड़क निर्माण का कार्य शुरु है और इस दौरान पेड़ों को तेजी से काटा जा रहा है। मिर्जापुर जिले में टेढ़वा से लेकर विन्ध्याचल के बीच सड़क के दोनों किनारों पर 1689 पेड़ काटे जा रहे हैं। इसमें 1159 औराई मार्ग पर और 530 इलाहाबाद रोड पर काटने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए वन निगम को अधिकृत किया गया है। शर्त यह है कि जितने पेड़ काटे जाएंगे उससे दोगुने पेड़ लगाने होेंगे। इसके लिए पीडब्ल्यूडी वन विभाग को रायल्टी के रूप में एक करोड़ छह लाख रुपये का भुगतान कर चुका है फिर भी पेड़ों को लगाने का कार्य शुरु नहीं हो सका है। रायल्टी के पैसों से पौधे लगा कर ब्रिक गार्ड लगाया जाना है। पेड़ों के कटने से जहां इलाका वीरान होने लगा है वहीं अभी सड़क निर्माण भी तेजी नहीं पकड़ पाया है। इसके पीछे नोटबंदी को कारण बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि इतनी अधिक संख्या में पेड़ों के कटने से पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। पौधे अभी लगते तो उन्हें पेड़ बनने में देर नहीं होगी।
विन्ध्याचल औराई मार्ग सड़क की चौड़ाई बढ़ाने केे लिए 1689 पेड़ों की बलि ले ली गई लेकिन पैसा मिलने के बाद भी इनके स्थान पर नये पेड़ नहीं लगाये गए। पीडल्यूडी ने इसके लिए वन विभाग को एक करोड़ रुपये की राशि प्रदान कर दी है।
विज्ञापन
भदोही जिले के औराई से विन्ध्याचल तक लगभग 20 किलोमीटर की सड़क की दशा बेहद खराब होने के कारण शासन ने ख्यातिलब्ध तीर्थ स्थल विन्ध्याचल तक की सड़क को चौड़ा करने करने का निर्देश दिया है। इस सड़क को चौड़ा करने के लिए भदोही जिले में और स्थानीय क्षेत्र में पेड़ों की कटाई का कार्य चल रहा है। लगभग दो माह से सड़क निर्माण का कार्य शुरु है और इस दौरान पेड़ों को तेजी से काटा जा रहा है। मिर्जापुर जिले में टेढ़वा से लेकर विन्ध्याचल के बीच सड़क के दोनों किनारों पर 1689 पेड़ काटे जा रहे हैं।
इसमें 1159 औराई मार्ग पर और 530 इलाहाबाद रोड पर काटने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए वन निगम को अधिकृत किया गया है। शर्त यह है कि जितने पेड़ काटे जाएंगे उससे दोगुने पेड़ लगाने होेंगे। इसके लिए पीडब्ल्यूडी वन विभाग को रायल्टी के रूप में एक करोड़ छह लाख रुपये का भुगतान कर चुका है फिर भी पेड़ों को लगाने का कार्य शुरु नहीं हो सका है। रायल्टी के पैसों से पौधे लगा कर ब्रिक गार्ड लगाया जाना है।
विज्ञापन
पेड़ों के कटने से जहां इलाका वीरान होने लगा है वहीं अभी सड़क निर्माण भी तेजी नहीं पकड़ पाया है। इसके पीछे नोटबंदी को कारण बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि इतनी अधिक संख्या में पेड़ों के कटने से पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। पौधे अभी लगते तो उन्हें पेड़ बनने में देर नहीं होगी।