मिर्जापूर में मां विंध्यवासिनी के चरणों में माला फूल अर्पित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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विंध्याचल। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्य नाथ ने बुधवार को मां विंध्यवासिनी का दर्शन और पूजन किया। सड़क मार्ग से सुबह लगभग 11.30 मिनट पर पुरानी वीआईपी मार्ग से हाथों में माला-फूल और प्रसाद लेकर दर्शन करने पहुंचे। प्रदेश की कुशलता की कामना की।
मां विंध्यवासिनी को दर्शन और पूजन पश्चात उन्होंने मंदिर में विराजमान माता काली, राधा कृष्ण, दुर्गा माता, भैरव, पंचमुखी हनुमान का दर्शन और पूजन करते हुए हवन कुंड की परिक्रमा किया। मंदिर परिसर में ही श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष मंत्री सहित पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अंग वस्त्र पहनाकर उनका स्वागत एवं सम्मान किया। दर्शन पूजन हृदय राम भंडारी ने कराया। दर्शनोपरांत मुख्यमंत्री एक होटल में पहुंचकर रक्षा सूत्र बंधवाए। इस मौके पर सांसद अनुप्रिया पटेल, ऊर्जा राज्य मंत्री रमाशंकर पटेल, नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, मझवां विधायक सुचिस्मिता मौर्य, अपना दल विधायक राहुल प्रकाश कोल, चुनार विधायक अनुराग सिंह एवं भाजपा जिला अध्यक्ष बृजभूषण सिंह समेत नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल, पूर्व सभासद व युवा भाजपा नेता मोहित मिश्र, राकेश शुक्ला, हर्षित खत्री, शिखर गिरी, युवराज पांडेय, भुपत मिश्रा, सत्यम मिश्रा आदि मौजूद रहे।
उधर, मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजनकर बाहर आए मुख्यमंत्री को विंध्य जन संघर्ष समिति की ओर से बुधवार को पत्रक सौंपा गया। समिति अध्यक्ष राजन पाठक ने कहा कि विंध्य कारिडोर के नाम पर यहां के सर्व समाज को भारी छति पहुंचाने का कुचक्र रचते हुए उत्तर प्रदेश सरकार की छवि धूमिल करने की कोशिश हो रही है। अध्यक्ष ने कहा विंध्याचल में पूरे वर्ष में मात्र कुल 42 दिन ही यहां भीड़ होती है। यदि इसी को नियंत्रित कर दिया जाए तो बिना किसी तोड़फोड़ और भारी मुआवजा के रास्ता निकाला जा सकता है। समिति अध्यक्ष ने कई बिंदुओ की तरफ मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित कराते हुए समस्या का हल किए जाने की मांग की है। इस अवसर पर तेजन गिरी, लाल बहादुर गिरी व भानू पाठक आदि मौजूद रहे।