चुनार। गंगा के निरंतर बढते जल स्तर के चलते तटवर्ती इलाके में बसे लोगों की चिंता बढ़ने लगी हैं।लोग अपनी रिहायशी के साथ ही मवेशियों के चारा पानी आदि के बारे में सोचकर चिंतित होने लगे हैं।
तहसील क्षेत्र अंतर्गत भौरहीं, धौरहरा, समसपुर, टम्मलगंज, बहरामगंज, ऐबकपुर मोहाना, चितरहा, गांगपुर, धरम्मरपुर, बगही, जलालपुर माफी, शिवपुर, रैपुरिया आदि बाढ़ प्रभावित गांव है।बाढ़ संभावना के मद्देनजर प्रभावित इलाके के लोग अभी से ही अपने रिहायशी के साथ ही मवेशियों के चारा पानी की व्यवस्था बनाने में जुट गये हैं। शुक्रवार की सुबह गंगा के बढते जल स्तर के चलते संतोषी माता मंदिर घाट की रेलिंग व किला घाट स्थित साहित्य संत धाम की सीढ़ी तक पहुंच गया है। बाढ़ के मद्देनजर तहसील प्रशासन द्वारा क्षेत्र अंतर्गत जोगवा, खेमई बरी, बहुआर, ओढ़ी, डवक, विक्सी, पसियाही, डोमनपुर, खैरा, रामगढ़ कला, सीखड, मगरहां, मोइनुद्दीनपुर, अदलपुरा, टेकौर, जलालपुर माफी, बगही गांगपुर, भवानीपुर, नकहरा , पचेवरा दर्रा, शेरपुर सहित कुल 23 बाढ़ चौकियां गांव के प्राथमिक विद्यालय, पंचायत भवन में स्थापित की गयी है। तहसीलदार अरूण कुमार गिरि ने बताया कि सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। आवश्यकता अनुसार जरूरतमदों को सहयोग मुहैया करायी जाएगी। उन्होंने बताया कि गंगा में सात सेंटीमीटर प्रति घंटा बढ़ाव हो रहा है।