चुनार के कदम रसूल ताजिये को तैयार करता कारीगर। फोटो संवाद ।
चुनार। सराय टेकौर मुहल्ले की कदम रसूल ताजिया चुनार तहसील क्षेत्र में मशहूर है। किसी जमाने में जिला प्रशासन इमाम चौक से ताजिये के उठने और कर्बला में सकुशल दफन होने तक पल पल की जानकारी लेता था। कर्बला में ताजिये के दफन होने की पुष्टि के बाद तब प्रशासन चैन लेता था।
क्षेत्र की सबसे बड़ी, ऊंची और मशहूर ताजिये को मोती, नग, जरी से कारीगर एवं स्थानीय मुहल्ले के लोगों के सहयोग से तैयार किया जा रहा है।
मुहर्रम पर ताजिये को इमाम चौक पर बैठाने एवं दूसरे दिन नगर में अखाड़े के साथ निकली ताजिये को देखने के लिए आज भी नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से भारी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं।
नगर में स्थित विभिन्न इमाम चौक पर बैठाए गए सभी ताजिये मुहर्रम के दिन अखाड़े के साथ पुरानी कोतवाली तिराहे पर इकट्ठा होते हैं। जब तक कदम रसूल ताजिया वहां नहीं पहुंचती तब तक लंबी कतार में सभी ताजिया खड़ी रहती है।
कमेटी के अध्यक्ष अशफाक अहमद ने बताया कि कारीगर मुश्ताक खान और मुहल्ले के युवाओं की टीम ताजिये की तैयारी को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं।संवाद