अब सीबीएसई 12 वीं की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं डिजिटली जांची जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को तो लाभ होगा ही, त्रुटियों की संभावना भी न के बराबर हो जाएगी। इससे रिजल्ट जारी करने में भी शीघ्रता होगी।
साथ ही किसी भी समस्या की स्थिति में उत्तर पुस्तिकाओं का परीक्षण भी त्वरित हो सकेगा।
परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाएं सीबीएसई के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय पर पहुंचाई जाएंगी। वहां पर उनको पूरी तरह से स्कैन किया जाएगा। स्कैनिंग के बाद पूरी उत्तर पुस्तिका को संबंधित कार्यालय के माध्यम से परीक्षकों तक ऑनलाइन पहुंचाया जाएगा।
इसके बाद परीक्षक उस उत्तर पुस्तिका का ऑनलाइन ही मूल्यांकन करेंगे और अंक प्रदान करेंगे। लायंस स्कूल के प्रधानाचार्य डा. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि इससे गलतियांं न के बराबर हाेंगी। बताया कि पूरा कार्य कंप्यूटर आधारित है तो संबंधित परीक्षकों को इसके लिए प्रशिक्षित भी किया जाएगा।
इस हाईटेक मूल्यांकन विधि को अभी 12 वीं के लिए लागू किया गया है। 10 वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन परंपरागत विधि से ही होगा।
इस बार सीबीएसई की 10 वीं की परीक्षा 17 फरवरी से 12 मार्च तक होगी तथा 12 वीं की परीक्षा 18 फरवरी से 10 अप्रैल तक होगी।
जिले के 10 केंद्रों पर 12वीं के 3558 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। 10 वीं में इस बार 4432 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं।
एचआरटीसी के मंडलीय कार्यालय में खाली कमरे में चल रहा हीटर। संवाद।