बुधवार को सीबीआई टीम हलिया ब्लाक पहुंची। राजपुर में इदरीस मियां के घर के पास बने बंधी की जांच की।
वर्ष 2007-08 में चार लाख 78 हजार की लागत से बंधी का निर्माण कराया गया था।
बंधी निर्माण एक मई 2008 से आरंभ से होकर 13 मई 2008 तक मात्र 13 दिन में ही पूरा हो गया था। बंधी में निर्माण भी ऐसा हुआ था कि उसमें पानी नहीं रुक पा रहा था, जिससे टीम ने बंधी निर्माण को निष्प्रयोज्य माना।
सीबीआई टीम मंगलवार को प्रभारी अशरफ सिद्दकी के नेतृत्व में टीम ने हलिया ब्लाक के अदवा कालोनी में कूप निर्माण, अहुगी कला में सिंचाई की पक्की नाली निर्माण की जांच की और श्रमिकों से पूछताछ किया।
विकास खंड हलिया में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों की जांच सीबीआई टीम द्वारा की जा रही है। सीबीआई टीम क्षेत्र में 71 जगह कराए गए कार्यों की जांच कर रही है, जिसमें से लगभग 40 जगहों पर कराए गए कार्यों की जांच सीबीआई द्वारा की जा चुकी है।
बुधवार को सीबीआई टीम सबसे पहले अदवा कालोनी पहुंची। टीम ने पंचायत भवन के पास बनाए गए कूप की जांच की। जांच के दौरान कूप अधूरा मिला। कूप मात्र पांच मीटर खोदा गया था।
जिस पर तीन लाख 50 हजार रुपया आहरित किया जा चुका है। टीम प्रभारी अशरफ सिद्दकी के नेतृत्व में चार सद्स्यीय टीम ने श्रमिकों से पूछताछ किया और उनका बयान दर्ज किया। जिसमें राजकुमार ने बताया कि कूप निर्माण में उसने न तो कार्य किया है और न ही कोई धनराशि लिया है।
इसके बाद जगलाल, राम सजीवन, रामाश्रय, शिवरानी, चिरौंजी देवी सहित 15 श्रमिकों का बयान लिया। टीम ने अहूगी कला में सिंचाई के लिए बनाए गए 500 मीटर पक्की नाली की जांच किया और नाली की लंबाई को नापा। वर्ष 2007-08 में पक्की नाली के निर्माण में पांच लाख 61 हजार रुपया खर्च किया गया था।
सीबीआई टीम ने श्रमिक सोनकली, राज कुमार, शंकर लाल, रज्जू, शिवराम, प्रेमकली, भगवंतिया, राम सागर, ललतिया, राम अनुज तथा शंाति देवी से बयान लिया।
उसके बाद राजपुर में ही टाइगर के घर के पास हुए बंधी निर्माण की जांच की। वर्ष 2007-08 में 160 मीटर लंबे बंधी का निर्माण दो लाख 59 हजार की लागत से कराया गया था।
टीम ने श्रमिकों का भी बयान दर्ज किया। जांच के दौरान खंड विकास अधिकारी मोहन लाल जायसवाल, जेई भगत सिंह, जेई जगनारायन, विमलेश कुमार मिश्र आदि मौजूद रहे।