नगर के द्वारिकाधीश मंदिर में कृष्ण दर्शन को उमड़ी भीड़।
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विंध्याचल व शहरी इलाकों सहित जिले के ग्राम्यांचालों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन त्योहार बड़े ही श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। मंदिराें सहित घराें में सजाई गई एक से बढ़ कर एक नयनाभिराम झांकियों को देखने के लिए लोगाें का तांता लगा रहा। प्रभु श्रीकृष्ण की लीलाओं की मनोहारी झांकियाें को देख भक्तजन निहाल हो उठे। श्रीकृष्ण के जन्म लेते ही आकाश में आतिशबाजी का भव्य नजारा देखने को मिला।
भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को गुरुवार को रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होते ही आसमान में आतिशबाजियां छूटने लगीं, वहीं जगह जगह भजन-कीर्तन और सोहर गान का भी कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। इससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। नगर के पुलिस लाइन परिसर, 39 वीं वाहिनी पीएसी परिसर, जिला कारागार, जिले के विभिन्न थानाें सहित लोगाें के घराें में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। जन्मोत्सव के तहत मंदिराें व घराें में सजाई गई एक से बढ़ कर एक मनोहारी झांकियों का दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म लेने के बाद उपस्थित नर-नारियाें व बच्चों के बीच प्रसाद का भी वितरण किया गया। जगह-जगह आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पहुंचे लोग आधी रात तक भक्तिमय गीत-संगीत का भी आनंद लेते रहे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर घराें व मंदिराें में नयनाभिराम झांकियों को सजाने को लेकर बच्चों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा था। पर्व पर बच्चे अपने अपने घराें में तरह-तरह के खिलौनाें को सजाने में पूरे दिन जुटे रहे।
नगर के प्रमुख मंदिरों में सजी मनोहारी झांकियों को देखने के लिए भक्ताें का तांता लगा रहा, वहीं पुलिस लाइन परिसर में सजाई गई नयनाभिराम झांकियाें का अवलोकन करने संायकाल से देर रात तक भक्तों का रेला लगा रहा। त्योहार पर घराें में तरह-तरह के आकर्षक खिलौनों से की गई सजावट देख बच्चे खुशी से उछल रहे थे, वहीं भव्य झांकियां भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही।