जागरूकता सम्मेलन में शामिल लोग
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उन्होंने कहा कि अन्य सरकारों ने पिछड़ों को लूटा और मुसलमानों को धोखा दिया और कहते हैं कि इ सरकार का करत हौ...। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश हो या पंजाब, हर जगह पिछड़ों की राजनीति कर रहे हैं। कहा कि वीपी सिंह जो बीज बोकर गए हैं, अब वह उगने लगा है। इसलिए पहाड़ों से निकल कर आगे बढ़ें और अपने हक का लाभ उठाएं। यह उपचुनाव है, इससे न सरकार बनेगी और न बिगड़ेगी। आप को दूध की जरूरत है तो दुधारू गाय चाहिए न कि ठूंठ।
उन्होंने कहा कि यदि विकास चाहते हैं तो सत्ता पक्ष के प्रत्याशी को जिताएं। यदि कहीं से विपक्ष के प्रत्याशी जीतते हैं तो कुछ नहीं कर पाएंगे। बाद में कहेंगे मेरी सरकार नहीं है। इस दौरान श्रीराम बियार, प्रणेश प्रताप, उदयभान तिवारी, राधेश्याम पटेल, अभिनव मौर्य, संतोष कोरी, मृत्युंजय राजभर, विकास प्रजापति, रिंकी, कैलाश गिरी, कमलेश पाल आदि मौजूद रहे।
उधर, सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि उपचुनाव सत्तापक्ष का होता है। उन्होंने कहा कि मतदान की तिथि बदलने से अखिलेश यादव को दिक्कत है, लेकिन 2022, 2019 व 2014 या अभी 2024 में कौन सी तारीख बदली थी और क्या हुआ। बंटेंगे तो कटेंगे... संबंधी सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह तो ब्रह्माजी का नारा है।
उन्होंने कहा कि संघे शक्ति कलियुगे, हम भी तो एकता की ही बात कर रहे हैं। सपा की सरकार में 815 दंगे हुए। इसमें 1300 जन हानि हुई। बसपा में 600 दंगे हुए और 1200 जन हानि हुई। कांग्रेस सरकार में तो सब रिकॉर्ड ही टूट गए। यही वह कह रहे हैं कि एक रहोगे तो बचे रहोगे। भाजपा के शासनकाल में अभी तक कोई दंगा नहीं हुआ। महाकुंभ में मुस्लिम समुदाय के लोगों को दुकान नहीं लगाने देना चाहिए संबंधी सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह बात साधु-संत कह रहे हैं। हम तो सबका साथ-सबका विकास चाहते हैं।