फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काली खोह क्षेत्र में गरजा बुल्डोजर, अवैध निर्माण तोड़े गए

विज्ञापन
ाली खोह , अष्टभुजा पहाड़ी के समीप ध्वस्त होंगे अवैधानिक निर्माण । - फोटो : MIRZAPUR
विज्ञापन
आध्यात्मिक महत्व के काली खोह क्षेत्र में शुक्रवार की दोपहर अवैध रूप से प्लाटिंग के लिए किए गए निर्माण को टीम ने ध्वस्त कर दिया। ध्वस्तीकरण में आया खर्च प्लाटरों से वसूला जाएगा। इस कार्य में लिप्त प्लाटरों को चिह्नित करने और उन पर विधिक कार्रवाई में भी प्रशासन जुट गया है। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो पूरे पहाड़ क्षेत्र में अवैध रूप से हुए या हो रहे निर्माण के खिलाफ यह अभियान चलता रहेगा।
विज्ञापन

मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र ने विंध्याचल के पहाड़ी क्षेत्रों के समीप हुए समस्त अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं। पूरे पहाड़ क्षेत्र को ग्रीन जोन में तब्दील किया जाएगा। आयुक्त ने बताया कि काली खोह, अष्टभुजा सहित पहाड़ के तीनों तरफ की सीमा तय करने के बाद ग्राम समाज की जमीनों को भी चिह्नित किया जाएगा। पहाड़ क्षेत्र को रेड व यलो जोन में विभाजित किया गया है। इन जगहों पर जितने भी अवैध निर्माण अथवा प्लाटिंग आदि किये गए हैं, उनकी जांचकर गलत पाए जाने पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाई करने को जिम्मेदार अधिकारी को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि संपूर्ण पहाड़ क्षेत्र को ग्रीन जोन बनाया जाएगा। मंडलायुक्त के निर्देश के क्रम में नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह ने प्राधिकरण की एक टीम को काली खोह के समीप हुए अवैध प्लाटिंग स्थल पर कार्रवाई को भेजा। टीम ने काली खोह के पास हुए अवैध निर्माण, प्लाटिंग के रास्ते इत्यादि को तोड़ दिया। टीम की कार्रवाई देख वहां से अवैध प्लाटर भाग खड़े हुए। प्राधिकरण की टीम ने प्लाटरों की सड़क को तोड़ दिया। हालांकि अभी भी अवैध प्लाटिंग का बड़ा हिस्सा सुरक्षित हैं। इस पर प्रशासनिक टीम का कहना है कि इसे भी ध्वस्त किया जाएगा। ऐसे प्लाटरों से ही निर्माण के ध्वस्तीकरण का पैसा भी लिया जाएगा। ग्रीन व रेड जोन में अवैध रुप से हुए निर्माण, सरकारी या वन क्षेत्र पर कब्जे को लेकर प्राधिकरण ने पूर्व में नोटिस दी थी। उसका जवाब न देने पर यह कार्रवाई की गई। ध्वस्तीकरण के दौरान पुलिस और पीएसी भी मौजूद रही।
पहाड़ पर हाल फिलहाल हुए निर्माण पर भी चलेगा हथौड़ा
अष्टभुजा, कालीखोह पहाड़ को रेड जोन घोषित किया गया है। यह ग्रीन जोन के साथ ही पुरातात्विक और आध्यात्मिक महत्व के स्थल है। रेड जोन में किसी भी निर्माण पर पूरी तरह से रोक है। बावजूद इसके कुछ महीने पूर्व तक यहां निर्माण होता रहा। मौजूदा सिटी मजिस्ट्रेट के आने के बाद निर्माण पर लगाम लगने के साथ उन्हें नोटिस भी दी गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि हाल के वर्ष में हुए निर्माण के लिए भी भवन स्वामियों को नोटिस दिया जाएगा।
विज्ञापन

नगर व आसपास भी हो रही अवैध प्लाटिंग
नगर ही नहीं आस-पास के क्षेत्र में, पहाड़ियों पर भी अवैध प्लाटिंग का कारोबार खूब फल फूल रहा है। विंध्याचल के साथ ही गंगा के किनारों को भी प्लाटरों ने पाटकर प्लाटिंग शुरू कर दिया है। बिना नक्शा पास कराए, प्राधिकरण की गाइडलाइन का पालन किए बिना ही जमीनों पर अवैध रूप से प्लाटिंग कर उनको बेचा जा रहा है। कई स्थानों पर सरकारी जमीन, नजूल की जमीन यहां तक की कब्जे की जमीन पर भी प्लाटिंग कर मासूम जनता को बेच दिया जा रहा है। घर का सपना साकार करने के चक्कर में लोग जमीन ले भी ले रहे हैं। बाद में सचाई का पता चलने पर वे खुद को ठगा सा महसूस करते हैं। जब प्रशासनिक दरवाजे पर गुहार लेकर पहुंचते हैं तो वहां भी उनकी सुनवाई नहीं होती। अवैध प्लाटिंग लोगों की जिंदगी भर की कमाई, जमा पूंजी तक साफ कर दे रहा है।
कोट्स-
ग्रीन जोन, रेड जोन में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ शुरू हुआ अभियान चलता रहेगा। ऐसे प्लाटरों से जुर्माना वसूलने के साथ ही उन पर विधिक कार्रवाई भी की जाएगी। शहर व आस-पास के इलाकों में भी अवैध रूप से हो प्लाटिंग कार्य को चिह्नित करने के साथ नोटिस देने की कार्रवाई चल रही है। जल्द ही उनके खिलाफ भी सख्त अभियान चलाया जाएगा।-विनय कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें