कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एनआईसी के सभागार में मुख्य सचिव की वर्चुअल बैठक में शामिल मण्डलायुक्त यो
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प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये नमामि गंगे कार्यक्रम की समीक्षा की। उन्होंने नाले की सफाई, एसटीपी के निर्माण, उसकी स्थिति के बारे में जानकारी ली।
इस दौरान नमामि गंगे के नोडल अधिकारी अमरेंद्र वर्मा ने मुख्य सचिव को बताया कि नगर में 18 नालों के जरिये मल जल गंगा में गिर रहा है। इसमें छह नालों को ट्रैप कर पक्का पोखरा स्थित 14 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से शोधित कर गंगा नदी में प्रवाहित किया जा रहा हैं। अवशेष 12 नालों की रोकथाम के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत इंटरशेप्शन डायवर्जन तथा ट्रीटमेंट कार्य के लिए 129.06 करोड़ रुपये की परियोजना एनएमसीजी ने स्वीकृत किया था। इसके तहत 1.5 एमएलडी क्षमता के दोनों सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की टैपिंग कर संचालन एवं अनुरक्षण कार्य प्रस्तावित हैं। नमामि गंगे कार्यक्रम के अन्तर्गत चुनार में 10 केएलडी फिकल स्लज सीवेज ट्रीटमेंट प्लाट निर्माणाधीन है। अमृत कार्यक्रम के अन्तर्गत विन्ध्याचल क्षेत्र में कुल 25.60 किलोमीटर सीवर लाइन, एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सीवेज पंपिंग स्टेशन तथा 2603 नग सीवर गृह संयोजन का कार्य प्रस्तावित हैं। योजनाओं के पूर्ण होने के बाद विन्ध्याचल क्षेत्र में सीवरेज की व्यवस्था हो जाएगी और गंगा में 9 नालों के माध्यम से गिरने वाले मल जल को शोधित किया जा सकेगा। मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र ने बताया कि अमृत योजना के अंतर्गत सीवेरज कार्य संबंधित सभी योजनाओं को तय समय सीमा पर गुणवत्ता के पूर्ण किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि एसटीपी के निर्माण कार्य में प्रगति लाकर नाले की सफाई तथा सीवेज व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से क्रियान्वित किया जाएगा। इस अवसर पर अन्य अधिकारी उपस्थित थे।