भारत संचार निगम लिमिटेड इंपलाइज यूनियन और टेलीकाम कैजुअल एंड कांट्रैक्ट वर्कस यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में बीएसएनएल कर्मियों ने हड़ताल की। कर्मचारियों ने बीएसएनएल और एमटीएनएल का विलय नहीं करने की मांग की।
साथ ही बीएसएनएल को घाटा करने वाली ग्रामीण सेवाओं के लिए क्षतिपूर्ति और मुफ्त स्पेक्ट्रम आवंटित करने की मांग की।
जिला सचिव नागेंद्र सिंह ने कहा कि बीएसएनएल लाओ देश बचाओ। बीएसएनएल की विभागीय सेवा विस्तार के लिए उपयुक्त उपकरणों को तत्काल खरीदा जाए और वित्तीय सहायता प्रदान किया जाए। एजीएम एमएच उस्मानी ने कहा कि बीएसएनएल में निदेशक के रिक्त पदों को भरा जाए।
साथ ही बीबीएनएल का बीएसएनएल के साथ विलय किया जाए। निर्मल राम ने कहा कि 1.2 मेगाहर्ट्स स्पेक्ट्रम सरेंडर करने की आरएआई की सिफारिश को रद्द करने की मांग किया। कमला प्रसाद महतो ने कहा कि बीएसएनएल को मुफ्त स्पेक्ट्रम आवंटित किया जाए।
सुरेश चंद्र बिंद ने कहा कि 67 सौ करोड़ रुपए के स्पेक्ट्रम चार्जेज को रिफंड करने और बीएसएनएल द्वारा स्पेक्ट्रम उदारीकरण की इजाजत देने की मांग किया।
अमरनाथ मालवीय ने कहा कि डेलोइटी कमेटी की बीएसएनएल विरोधी और मजदूर विरोधी सिफारिशाें को रद्द करने की मांग की।
धीरेंद्रधर दूबे ने बीएसएनएल की फोरजी सेवाएं आरंभ करने तथा धनेश मौर्या ने 78.2 प्रतिशत ग्रांट आवंटित करने की मांग की। सोनू निगम ने बीएसएनएल सेवानिवृत्तों का नियमित पेंशन संशोधन करने की मांग की।
धरना प्रदर्शन के दौरान अशोक कुमार गुप्ता, बीजे पाल, रीता देवी, अनुसईया देवी, मनोज माली, मनोज सिंह, भरत लाल, सुनील चौहान, रामलखन, राम कुमार पाल, रमेश पाठक आदि रहे।