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मिर्जापुरः दुर्दशा का शिकार मातृ शिशु कल्याण केंद्र कोलना

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अदलहाट के कोलना गांव स्थित मातृ शिशु कल्याण केंद्र का जीर्ण- शीर्ण भवन। - फोटो : MIRZAPUR
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अदलहाट। क्षेत्र के कोलना गांव स्थित मातृ शिशु कल्याण केंद्र अपने भाग्य पर आंसू बहा रहा है। आज के 37 वर्ष पूर्व इस केंद्र का लोकार्पण सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री श्रीपति मिश्र की ओर से 31 अक्टूबर 1983 को किया गया था। लेकिन आज यह अतिक्रमण का शिकार है। यह केंद्र लगभग डेढ-दो बीघा जमीन मे स्थापित किय गया है। जिसमें भवन व प्रांगण शामिल हैं। किंतु गांव के कुछ लोगों की ओर से कब्जा कर मङ़ई लगाकर, परिसर में खलिहान व पशुओं को बांधा जा रहा है। भवन की दशा अत्यंत दयनीय व जर्जर हो गई है। जर्जर छत कब गिर जाएगी कुछ कहा नहीं जा सकता है। इस वर्ष की पहली बारिश में बाउंड्रीवाल धराशायी हो गयी। यहां पर एक एएनएम की तैनाती तो है जो केवल कागजों या फिर टीकाकरण के ही दिन नजर आती हैं। जिससे केंद्र का लोगो को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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बता दें कि गांव निवासी सत्येंद्र सिंह की ओर से 14 सितंबर 2019 को मुख्य मंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिस पर मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर चिकित्साधिकारी चुनार एस के वर्मा की टीम ने मातृ शिशु कल्याण केंद्र का 17 सितंबर को जांच- पड़ताल किया था। परंतु नौ माह बीत जाने के बाद भी शासन की ओर से कोई ठोस कार्यवाई नहीं हो पाई। क्षेत्र के संभ्रांत लोगों ने केंद्र पर हुए अवैध कब्जे को हटाते हुए भवन निर्माण की शासन से मांग की है। सत्येंद्र सिंह मंगल ने कहा कि मातृ शिशु कल्याण शिशु केंद्र से महिलाओं को कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। आठ हजार की आवादी वाले इस गांव मे केंद्र पर एनएम को प्रतिदिन बैठने की मांग की है ताकि महिलाओं को दवा व सुझाव के लिए अन्यत्र न दौड़ना पड़े। राजीव पटेल ने कहा कि इस केंद्र के पास लगभग दो बीघा जमीन उपलब्ध है किंतु गांव के कुछ दबंग व सरहंग लोग कब्जा कर रहे हैं उनसे कब्जा खाली कराया जाए। राम चंद्र यादव का कहना है कि इस केंद्र की स्थिति काफी जर्जर है कहीं भी गिर सकता है। उन्होंने तत्काल नव निर्माण कराकर उसकी बाउंड्रीवाल कराने की मांग की है।
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