देहात कोतवाली क्षेत्र के जौसरा गांव निवासी अमरेश के सात वर्षीय पुत्र को मौत गंगा किनारे खींच कर ले गई। मां के मना करने के बावजूद बालक कान्हा बड़ी मां व बुआ के साथ गंगा नहाने गया। जहां बड़ी मां द्वारा उसे पहले नहला कर घाट पर बैठाने के बाद भी वह दोबारा पानी में उतर कर नहाने चला गया। लेकिन उस नन्हें से बालक को गंगा की गहराई का पता नहीं था जिसमें वह गंगा में समा गया। बता दे कि अमरेश को एक पुत्री व एक पुत्र कान्हा था।
इकलौते पुत्र के जाने से मां का रो रो कर बुरा हाल हो गया है।
जौसरा गांव निवासी अमरेश पांडेय का सात वर्षीय पुत्र कान्हा मंगलवार की सुबह गंगा दशहरा के पर्व पर बड़ी मां और बुआ के साथ गंगा स्नान करने गया था। बालक की जिद पर बड़ी मां ने कान्हा को गंगा में नहला कर घाट किनार ले जाकर बैठा दिया।
इसके बाद अन्य महिलाओं के साथ उसकी बड़ी मां व बुआ नहाने चली गई। पानी कम होने के कारण बड़ी मां व बुआ आगे तक नहाने चली गई। इसी बीच कान्हा दोबारा नहाने चला गया और जैसे ही नीचे आया गहरे पानी में पहुंचा तो डूबने लगा।
जब तक किसी की नजर बालक पर पड़ती तब तक वह पानी में नीचे जा चुका था। कुछ देर बाद जब उसकी बड़ी मां और बुआ नहा कर बाहर निकली तो बालक को गायब देख हैरान हो गई। खोजबीन करने पर जब नहीं मिला तो शोर मचाने लगी। शोरगुल पर आसपास मौजूद लेागों ने तत्काल पानी में उतर कर बालक को बाहर निकाला।