नगर के रमईपट्टी तिराहे पर गाड़ी गई होलिका बिजली के तारांे के बिल्कुल पास पहुंच गई है।
महाशिवरात्रि पर नगर एवं जिले में निर्धारित स्थानों पर गाड़ी गई अधिकांश होलिका बिजली के तारों के नीचे हैं। ऐसी स्थिति में होलिका दहन के समय बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता है। होलिका दहन के समय विद्युत तार सहित टेलीफोन आदि के तार भी जल जाएंगे, जिससे विद्युत आपूर्ति ठप होने के साथ ही संचार सेवा पर भी असर पड़ेगा।
होली के मद्देनजर तैयारियां शुरू हो गई हैं। नगर में होलिका तो अपने निर्धारित स्थानों पर गाड़ी गई हैं, लेकिन इस बात पर ध्यान नहीं दिया गया कि वहां ऊपर से बिजली और टेलीफोन के तार गुजर रहे हैं। जबकि संबंधित विभाग के अधिकारी भी बेपरवाह बने हुए हैं।
नगरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते होलिका के उपर से विद्युत तार आदि को नहीं हटवाया गया तो होली के दिन लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। लोगों का कहना है कि पहले जहां होली गाड़ी जाती थी उस समय तार ऊंचाई पर थे।
लेकिन बदलते परिवेश से होलिका की ऊंचाई बढ़ती गई और अब हालत यह है कि यह तार के बेहद करीब हो गई। चौबे टोला के रंजन अग्रवाल ने बताया कि होलिका तो अपने निर्धारित स्थान पर गाड़ी गई ह्रै, लेकिन उसके ऊपर से गुजरे तार होलिका के साथ जल जाएंगे, जिससे विद्युत आपूर्ति के ठप होने की आशंका बनी हुई है।
पंसारी टोला के अभय गुप्ता ने बताया कि होलिका गाड़ने के बाद उस पर इतने झाड़ झंखाड़ चढ़ा दिए गए हैं, जिससे उसकी ऊंचाई विद्युत तार के समीप पहुंच गई है। मकरीखोह के विजय तिवारी और डंकीनगंज के ज्ञानचंद्र गुप्त का कहना है कि होली का स्वरूप भी बदलता जा रहा है, जिस पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।
विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता यदूनाथ राम ने बताया कि होलिका दहन के दिन शाम को बिजली विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम तारों के नीचे स्थापित की गई होलिकाओं को चिह्नित कर हटवाएगी, ताकि आग की लपटों से तारों को नुकसान न हो सके।