दो थाना क्षेत्र के दो स्थानाें पर सोमवार को नुकसान हुए फसल के सदमे
से सोमवार को दो किसानों की मौत हो गई।
सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियाें ने मामले की जांच किया। एक किसान गेहूं के काले दाने देख कर गश खा कर गिर पड़ा जबकि दूसरा गेहूं की खराब हालत देख कर बेहोश हो गया। दोनों को इलाज के लिए ले जाया गया लेकिन चिकित्सकों ने कहा कि उनकी पहले ही मौत हो चुकी है।
जिगना थाना क्षेत्र के बजटा गांव निवासी मृत किसान संगमलाल तिवारी 70 वर्ष के भतीजे राजेश
तिवारी ने सोमवार की सुबह थाने में तहरीर दी कि रविवार की शाम उनके बड़े पिता खेत में
गेहूं की फसल देखने गए थे।
गेहूं की बाली को रगड़ कर देखा तो वह काला पड़ गया था।
इसी दौरान वह गश खाकर गिर गए।
डाक्टर को दिखाया गया तो उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसकी सूचना उन्होंने पुलिस के साथ ही एसडीएम सदर एवं राजस्व अधिकारी को दिया।
इस पर एसडीएम सदर
अशोक कन्नौजिया भी आ गए। मामले की छानबीन करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
एसडीएम ने कहा कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद इस पर कार्रवाई की जाएगी।
किसान संगमलाल लगभग पांच बीघा गेहूं की फसल बोए थे। उनके भाई लालमणि तिवारी ने बताया कि देर रात घर वापस नहीं लौटने पर उनके मोबाइल पर संर्पक किया गया लेकिन कोई जबाव नहीं मिला।
सुबह खेत मेें गए तो वह बेहोश पड़े थे उन्हें डाक्टर को दिखाया गया, लेकिन तबतक विलंब हो चुका था और चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
उधर मड़िहान संवाददाता के अनुसार। क्षेत्र के पटेहरा खुर्द गांव निवासी भंडारी 56 वर्ष सोमवार की दोपहर मजदूराें को लेकर खेत पर गेहूं कटवाने ले गए थे। गेहूं की हालत देख बेहोश हो गए।
परिवार के लोग उन्हें जिला चिकित्सालय ले जा रहे थे लेकिन मौत हो गई। सूचना पर तहसीलदार मृत्युंजय सिंह पहुंचे। उनका कहना है कि किसान की मौत बीमारी से हुई है। घर वाले पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते हैं।