भाजपा पदाधिकारी और परिजनों के अनुसार, जिगना थाना क्षेत्र के रन्नोपट्टी गांव निवासी भाजपा बूथ अध्यक्ष कन्हैया लाल बिंद ने जमीन विवाद को लेकर कई बार थाने पर लिखित सूचना दी थी। कार्रवाई न होने पर एसडीएम को प्रार्थना पत्र दिया था। एसडीएम ने थानाध्यक्ष को कार्रवाई का निर्देश दिया। इस मामले में वह जिगना थाने पर गया था।
कन्हैया लाल बिंद ने दरोगा पर शौचालय की सफाई करवाने, बरामदे में झाड़ू लगाने व अपमानित करने का आरोप लगाया था। बाद में बूथ अध्यक्ष की मौत हो गई। इस पर मंडल अध्यक्ष भाजपा सुजीत मोदनवाल ने आरोप लगाया कि जिगना थाने के दरोगा शिवानंद राय ने बूथ अध्यक्ष से थाने में शौचालय साफ कराया और बरामदे में झाड़ू लगवाई थी। यह मामला सोशल मीडिया पर चलने लगा।
इससे पार्टी के पदाधिकारियों व पुलिस की किरकिरी होने लगी। इस मामले का संज्ञान लेते हुए सांसद अनुप्रिया पटेल ने रविवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच कर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद सोमवार को भदोही सांसद ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की जानकारी देने के साथ ही उच्चस्तरीय जांच कर कार्रवाई की मांग की।
उधर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद क्वारंटीन हुए विधायक रत्नाकर मिश्रा के संज्ञान में यह मामला आया। उन्होंने इस मामले में एसपी से बात की। मामला बढ़ता देख पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह ने उप निरीक्षक शिवानंद राय को लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही मामले में जांच का आदेश दिया। इससे पहले उसे हलिया ट्रांसफर किया गया था, जिसे निरस्त कर दिया गया।
भले ही दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है पर जनप्रतिनिधि व भाजपा के नेता और अन्य लोग थाना प्रभारी को हटाने की मांग कर रहे है। भाजपा नगर अध्यक्ष पूर्वी मनीष गुप्ता ने भी कन्हैया लाल बिंद की मौत के मामले में एसआई के साथ थानाध्यक्ष छोटक यादव को हटाए जाने की मांग की है। पुलिस के मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर मौत का दूसरा कारण बताए जाने पर भी नाराजगी जाहिर की है।
उनका कहना है कि मान भी लिया जाए कि बूथ अध्यक्ष की दूसरे कारणों से मौत हुई तो क्या उनसे थाने में झाड़ू लगवाना, टायलेट साफ कराना उचित था, क्या इस पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर इस प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। उधर, जिलाध्यक्ष ब्रृजभूषण का इस संबंध में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
थाने में शौचालय की सफाई कराने के सदमे में भाजपा बूथ अध्यक्ष कन्हैया लाल की मौत का मामला तूल पकड़ने के बाद सोमवार को अपर पुलिस अधीक्षक नक्सल महेश कुमार सिंह अत्रि ने ग्राम रन्नो पट्टी में विवादित स्थल का निरीक्षण किया। मृतक कन्हैयालाल बिंद के पुत्र राजीव कुमार का बयान लेने के साथ ही ग्रामीणों से बात कर जांच पड़ताल की।
अपर पुलिस अधीक्षक नक्सल ने शिकायत कर्ता भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य व किसान मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रकुमार सिंह व जिला कार्यसमिति सदस्य जय सिंह तथा भाजपा मंडल अध्यक्ष छानबे का बयान लिया। इसके बाद एएसपी नक्सल ने आरोपित दरोगा शिवानंद राय के साथ ही अन्य लोगों का भी बयान लिया। कहा कि जो भी तथ्य सामने आएगा, उससे उच्च अधिकारी को अवगत कराया जाएगा।
थाना जिगना में कन्हैया लाल की मौत के मामले में पुलिस ने सोमवार को बूथ अध्यक्ष की मेडिकल सर्टिफिकेट सोशल मीडिया पर साझा किया। पुलिस के मुताबिक, पुलिस के अशोभनीय कृत्य के कारण मौत होना सही नहीं है। प्राथमिक जांच से यह जानकारी हो रही है कि कन्हैया लाल की मौत जीवन ज्योति हॉस्पिटल प्रयागराज में हुई थी।
वह गंभीर व पुरानी बीमारियों से ग्रसित थे। उन्हें दोनों किडनी, लंग्स व सांस की की बीमारी थी। इन बीमारियों के कारण इलाज के दौरान श्वसन क्रिया में बाधा पहुंचने से हार्ट अटैक के कारण मौत हुई थी। हॉस्पिटल के जारी मेडिकल प्रमाणपत्र में भी मौत के कारण में हार्ट अटैक लिखा है।
मौत के बाद बूथ अध्यक्ष कन्हैया लाल का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह चीख-चीख कर जिगना थाने में शौचालय की सफाई कराने की बात कह रहे है। कन्हैया लाल बिंद ने बताया कि प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद पुलिस दोनों पक्ष को थाने ले आई। थाने में मोबाइल लेकर गाली देकर लाकअप में बंद कर दिए। इसके बाद शौचालय और बरामदा साफ कराया। वीडियो में वह कह रहे हैं कि मैं बहुत दु:खी हूं।
सरकार की अगर ये मंशा है तो वह आत्महत्या कर लेंगे। वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं का रोष और बढ़ गया है। कार्यकर्ता कहते सुने जा रहे हैं कि जब पार्टी के पदाधिकारियों को ही न्याय ही नहीं मिल पा रहा है तो फिर आम लोगों की हालत समझी जा सकती है। इस मामले में जिगना थानाध्यक्ष छोटक यादव की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए हटाने की मांग की जा रही है।