जिले के विद्युत उपभोक्ताओं ने विभाग पर जांच के नाम पर परेशान करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि बिल भरने के बाद भी मनमाना आरोप लगाकर लंबा चौड़ा बिल भेज दिया जा रहा है। इसके चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर के पांडेयपुर निवासी एक विद्युत उपभोक्ता ने आरोप लगाया कि उनके आवासीय परिसर में विद्युत प्रवर्तन दल ने जांच की और कहा कि सब कुछ ठीक है, लेकिन कुछ दिनों बाद उनके यहां तीन लाख रुपये से अधिक का शमन शुल्क सहित अनुमानित बिल पहुंच गया। कहा गया कि कनेक्शन में अनियमितता है। अब वे परेशान होकर विभाग का चक्कर लगा रहे हैं।
इसी प्रकार पटेहरा कला निवासी एक उपभोक्ता का आरोप है कि उनके आवासीय परिसर में बीते 16 जुलाई को विद्युत कनेक्शन जोड़ा गया था। उसी महीने की 23 तारीख को विद्युत प्रवर्तन दल पहुंच गया। प्रवर्तन दल ने आरोप लगाया कि केबल बाईपास किया गया है, जबकि कनेक्शन भी विद्युत निगम के ही लाइनमैन ने जोड़ा था। उसके पास भी लगभग डेढ़ लाख रुपये का बिल भेज दिया गया। अब वे भी परेशान होकर विभाग का चक्कर लगा रहे हैं।
उपभोक्ताओं का कहना है कि नियमित रूप से बिल का भुगतान किए जाने के बावजूद विद्युत चोरी का आरोप लगाना गलत है। यदि लोड बढ़ाना है तो जांच टीम मौके पर ही लोड बढ़ा सकती है।
विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता एके सिंह का कहना है कि पांडेयपुर का जो मामला बताया जा रहा है, उसमें इतना बिल बिजली चोरी के मामले में ही आ सकता है। उपभोक्ता को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए अवसर दिया जाता है। वे अपना पक्ष प्रस्तुत करें। उस पर भी विचार होगा। उसके बाद किसी नतीजे पर पहुंचा जाएगा।
विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता दीपक सिंह का कहना है कि पटेहरा कला के मामले में पीड़ित उपभोक्ता से उनका पक्ष मांगा गया है। उनकी आपत्ति पर मामले की फिर से अभियंताओं को भेजकर जांच कराई जा रही है। किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।
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नहीं हटाया जा रहा घर से ऊपर से गया विद्युत तार
मिर्जापुर। नगर के सुरेकापुर कालोनी में सुरेश कुमार पांडेय के आवास के ऊपर से जा रहे बिजली के तार को अब तक नहीं हटाया जा सका है। इसके लिए सुरेश कई बार विद्युत निगम कार्यालय में आवेदन दे चुके हैं। आसपास के लोगों का भी कहना है कि आवासीय परिसर के ऊपर से तार जाना ठीक नहीं है। किसी भी दिन कोई दुर्घटना हो सकती है। इसे अविलंब हटाया जाना चाहिए। संवाद