मिर्जापुर। कटरा कोतवाली क्षेत्र के लल्लाघाट पर एक सप्ताह पूर्व गंगा में हाथ-पैर धोने के दौरान पैर फिसलने के चलते डूबे दो सगे भाइयों में छोटे भाई का शव तीन दिन बाद मिल गया था, पर बड़े भाई का अभी तक पता नहीं चला।
कटरा कोतवाली क्षेत्र के लल्ला घाट निवासी रमाशंकर मौर्या फेरी लगाते हैं। उनका घर घाट से 200 मीटर की दूरी पर है। एक सप्ताह पूर्व एकादशी पर दोपहर में दो बजे एक महिला घाट पर एकादशी का पूजा करने आई थी। इस दौरान बच्चे घाट पर ही खेल रहे थे। महिला ने पूजा करने के बाद बच्चों को प्रसाद बांटने के लिए बुलाया। प्रसाद खाने के बाद रमाशंकर का बड़ा पुत्र 12 वर्षीय गौरव मौर्या घाट पर हाथ-पैर धोने लगा। तभी उसका पैर फिसल गया, इससे वह गंगा में डूबने लगा। पास खड़े उसके साथी आदित्य ने उसका हाथ पकड़ लिया। डूबता देखकर गौरव का छोटा भाई 10 वर्षीय रितेश भी गंगा में उतरकर भाई को बचाने की कोशिश करने लगा। तभी आदित्य का हाथ छूट गया। बचाने में गौरव के साथ ही उसका भाई रितेश भी गंगा में डूब गया। बीते शुक्रवार को छोटे भाई रितेश का शव गंगा नदी में शास्त्री पुल के नीचे मिला। बड़े भाई का अब तक पता नहीं चल सका है।