छानबे से कांग्रेस के भगवती प्रसाद चौधरी और मिर्जापुर सदर से प्रगतिशील मानव समाज पार्टी की सुनीता ने सोमवार को पर्चा वापस ले लिया। भगवती चौधरी के पर्चा वापस ले लेने के बाद सपा-कांग्रेस गठबंधन की जिच खत्म हो गई है। अब छानबे में सपा के भाईलाल कोल गठबंधन के अधिकृत प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हो गया है। नाम वापसी के बाद जिले की पांचों सीटों पर 72 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गए हैं। नाम वापसी के बाद उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों को चुनाव चिन्ह का आवंटन किया गया। इस दौरान उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की भीड़ के चलते कलेक्ट्रेट परिसर में गहमागहमी का माहौल रहा। इस दौरान मड़िहान प्रेक्षक निनगम ने निरीक्षण किया।
छानबे विधानसभा सीट सपा-कांग्रेस गठबंधन के तहत कांग्रेस के खाते में थी। यहां से विधायक भाईलाल कोल ने यहां से बतौर गठबंधन प्रत्याशी नामांकन किया। इस दौरान खुद को कांग्रेस पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी बताते हुए भगवती प्रसाद चौधरी ने नामांकन करके दोनों पार्टियों के नेताओं को हैरत और सांसत में डाल दिया था। बाद में पार्टी ने उनकी उम्मीदवारी को मान्य नहीं किया। छानबे के आरओ एसडीएम लालगंज लल्लन राम ने बताया कि कांग्रेस के भगवती प्रसाद चौधरी ने नाम वापस लिया है। अब छानबे में अब नौ उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
मिर्जापुर विधानसभा सीट से आरओ व नगर मजिस्ट्रेट चंद्रप्रकाश ने बताया कि सोमवार को प्रगतिशील मानव समाज पार्टी की सुनीता ने नाम वापस लिया। अब यहां से 19 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाएंगे। मझवां विधानसभा सीट के लिए आरओ व एसडीएम सदर गुलाबचंद्र राम ने बताया कि मझवां में किसी प्रत्याशी ने नाम वापस नही लिया है। यहां 18 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
चुनार विधानसभा सीट से आरओ एसडीएम चुनार अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि किसी भी प्रत्याशी ने नाम वापस नही लिया है। ऐसे मंें यहां 12 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा। मड़िहान विधानसभा सीट से आरओ व एसडीएम मड़िहान चंद्रपाल तिवारी ने बताया कि 14 में से किसी प्रत्याशी ने नाम वापस नही लिया।
नाम वापसी के बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न का वितरण किया जाना था। इसके चलते प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की भीड़ कलेक्ट्रेट में उमड़ी। नाम वापसी के बारे मंे भी लोगों में जिज्ञासा थी। इस वजह से पूरी कचहरी खचाखची भरी रही। इस दौरान सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त किए गए थे।