मिर्जापुर। प्रयागराज के एक्सिस बैंक की चौक शाखा में धोखे से दोस्त का अकाउंट खोलकर 52 करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन करने के आरोपी बैंक मैनेजर को कटरा कोतवाली पुलिस ने बुुधवार को रतनंगज स्थित राणा प्रताप जूनियर हाईस्कूल गेट के पास से गिरफ्तार किया।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन में बताया कि कटरा कोतवाली क्षेत्र के तेलियागंज निवासी आशीष सिंह प्रयागराज में एक्सिस बैंक की चौक शाखा में नियुक्त था। तेलियागंज निवासी जयप्रकाश केसरी उसका मित्र है। 2012 में आशीष सिंह ने जयप्रकाश केसरी को बताया था कि उसे खाता खोलने का टारगेट मिला है। वह अपना खाता खोलवा ले। इसके बाद जयप्रकाश केसरी ने खाता खोलने के लिए जरूरी कागजात दे दिए। आशीष ने जयप्रकाश का खाता तो खोल दिया लेकिन उसको बताया कि खाता नहीं खुला है। आरोप है कि 2014 से जय प्रकाश के खाते से आशीष सिंह लगातार ट्रांजेक्शन करता रहा। 17 मई 2021 को जयप्रकाश केसरी को आयकर विभाग का नोटिस मिला। उसमें ढाई करोड़ का टैक्स जमा करने के लिए कहा गया था। इसके बाद जयप्रकाश केसरी ने चार्टर्ड एकाउंटेंट को इसकी जानकारी दी। एकाउंटेंट ने पड़ताल कर बताया कि उसके खाते से 52 करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ है। इसके बाद जयप्रकाश ने कटरा कोतवाली पुलिस को सूचना दी। तीन जुलाई 2021 को पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच में जुट गई। चौकी प्रभारी संतोष कुमार ने सूचना पर रतनगंज स्थित राणा प्रताप जूनियर हाईस्कूल के गेट के पास से आरोपी आशीष सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
अन्य कर्मचारी भी शामिल, हो रही जांच
मिर्जापुर। बैंक खाते से फ्राड करने वाले आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को और जानकारी मिली है। एएसपी सिटी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी आशीष सिंह उस समय एक्सिस बैंक में फ्रंट डेस्क मैनेजर के पद पर था। बताया कि जयप्रकाश केेशरी के नाम से गलत तरीके से खाता खोलवाकर पैसा जमा कराकर आदान-प्रदान किया गया। उस समय बैंक में तैनात ब्रांच मैनेजर, कैशियर, सेल्स आफिसर, सेकेंड मैनेजर, असिस्टेंट मैनेजर सेल्स आदि के खिलाफ भी जांच की जा रही है।
कैश जमा होता था और चेक से किसी और के खाते भेजा जाता था
फर्जी खाता खोलने के बाद उसमें नौ लाख, दस लाख करके कैश आता था। कैश जमा होने के बाद खाते से चेक आदि के द्वारा किसी और के खाते में धन स्थानांतरण कर दिया जाता था। अधिकांश पैसा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, जबलपुर आदि स्थानों पर दाल मंडी आदि के एकाउंट में भेजा जाता था। इस तरह काले धन को सफेद किया जाता था।
47 फर्जी खातों से दो हजार करोड़ का आदान प्रदान
एक्सिस बैंक से किसी एक खाते से फ्राड का मामला नहीं है। कई अन्य फर्जी खाते खोलकर दो हजार करोड़ का आदान प्रदान किया गया है। एएसपी सिटी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच पड़ताल में पता चला कि कि बैंक से लगभग 47 और फर्जी खाते खोले गए हैं। इसमें लगभग दो हजार करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया है। इसकी जांच की जा रही है। बैंक अधिकारियों के द्वारा इस तरह का कार्य किए जाने के मामले को देखते हुए बैंक के प्रधान मैनेजर और उच्चाधिकारियों को यह जानकारी दी गई है कि वे इसकी जांच कर इस तरह के गलत कार्यों को रोकें।
कार, जमीन और फ्लैट की जांच
एएसपी सिटी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार बैंककर्मी आशीष सिंह के संपत्तियों की जांच की जा रही है। अब तक की जांच में पता चला है कि लखनऊ के वृंदावन में फ्लैट लिया है। बथुआ के पास 40 बीघा जमीन, कार आदि ली है। उसके परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच की जा रही है।
बनाया था फर्जी बिल
पुलिस ने बताया कि बैंक एकाउंट खोलने के लिए स्थानीय पते की जरूरत होती है तो आशीष ने अपने मित्र जय प्रकाश के पिता के नाम पर प्रयागराज हैवेट रोड के पते पर नकली बिजली का बिल बनाया था।
जिले के बैंको में भी फर्जी खाते
जिले के भी कई बैंकों में फर्जी खाता खोलकर धोखाधड़ी और हेराफेरी का खेल खेला जाता है। जिसकी जांच की जानी चाहिए। मड़िहान में ही एक राइस मिल संचालक ने एक युवक के नाम पर फर्जी बैंक खाता के जरिये तीन लाख से अधिक का धान बेच दिया। मामले का खुलासा तब हुआ तब उसका राशन कार्ड निरस्त हुुआ।