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गरीबों का लाखों रुपये जमा कराकर बैंक हुआ फरार

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स्थानीय बाजार में संचालित एक कोआपरेटिव बैंक गरीबों का लाखों रुपये लेकर चंपत हो गया। ग्रामीण जब बैंक पर पहुंचे तो वहां सब कुछ गायब था। उपभोक्ता में बेचैनी बढ़ गई। बैंक का पता लगाया लेकिन कोई जानकारी नहीं हुई। निजी बैंक के बंद होने की खबर जंगल में आग की तरह फैलने से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
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लोगों को आकर्षक लाभ दिखाकर बैंक ने किसानों व व्यापारियों का लाखों रुपये जमा कराया था। बताया जा रहा है कि यह बैक करीब तीन साल से जमालपुर बाजार में संचालित था। करीब दो सौ लोगों से प्रतिदिन सौ से लेकर 400 रुपये तक जमा कराता था। जब 25 लोगों का पैसा पूरा हो गया तो भुगतान के लिए चक्कर लगाने लगे। लेकिन आरोप है कि 25 जनवरी 2022 से बैंक में ताला बन्द कर मैनेजर लापता हैं। बाजार के व्यापारी परेशान हैं। क्षेत्र के पंकज 25000, रामलीला 250000, सुमित सिंह 40000, बालगोविंद 25000, सुनील विश्वकर्मा 40000 तथा मंटू सिंह का 60000 रुपया फंस गया है। लोगों को आकर्षक लाभ दिखाकर बैंक ने किसानों व व्यापारियों का लाखों रुपए जमा कराया था।
जमाकर्ता अपना पैसा पाने के लिए अब एजेंटों को खोज रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से बैंक का ताला नहीं खुला तो लोग एजेंटों के मोबाइल पर फोन करने लगे।सभी का मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था। लोगों के सब्र का बांध टूट गया। लोगों को जब पता चला कि सचमुच में बैंक बंद हो गया है तो उनके पांव तले जमीन ही खिसक गई। आक्रोशित खाता धारकों ने एजेंट के घर पहुंच गए। जहां परिजनों से कहा सुनी होने लगी। बात बिगड़ता देख खाता धारकों ने यूपी हंड्रेड पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू किया। थानाध्यक्ष अरविंद सरोज ने बताया कि खाता धारकों की शिकायत पर इसकी जांच कराई जा रही है।
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