मिर्जापुर की मिट्टी बांस उत्पादन के लिए है उपयुक्त, किसानों को पौधे और तीन साल तक देखभाल की सुविधा
मिर्जापुर/मड़िहान। वन विभाग की ओर से सोमवार को मड़िहान रेंज सभागार और बीएचयू बरकछा सभागार में नेशनल बैंबू मिशन के तहत कार्यशाला हुई। इसमें किसानों को बांस की खेती के फायदे और रोजगार के अवसर बढ़ने की जानकारी दी गई।
डॉ. आरएस सिंह ने बताया कि बांस पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाता है। इससे कुर्सी, फर्नीचर, खिलौने, मोबाइल स्टैंड समेत कई उपयोगी वस्तुएं तैयार की जाती हैं। मुख्य अतिथि एमएस के रत्ना ने कहा कि मिर्जापुर की मिट्टी बांस उत्पादन के लिए उपयुक्त है। किसानों को नि:शुल्क बांस के पौधे उपलब्ध कराने के साथ तीन वर्ष तक देखभाल का खर्च भी संस्था की ओर से दिए जाने की जानकारी दी गई। वन विभाग के एसडीओ अभिषेक राय ने वनकर्मियों को गांव-गांव जाकर किसानों को बांस की उपयोगिता और खेती के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। कार्यशाला में वन क्षेत्राधिकारी सदर एस.पी. वर्मा, गिरिराज गोवर्धन गिरी समेत वनकर्मी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।