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धोखाधड़ी मामले में बैंक मैनेजर समेत तीन की जमानत निरस्त

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मिर्जापुर। कटरा कोतवाली क्षेत्र स्थित केनरा बैंक से कूटरचित कागजात के जरिये करोड़ों का सोना निकालने के मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों की जमानत और एक फरार आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी जनपद न्यायाधीश शिव कुमार प्रथम ने निरस्त कर दी।
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कटरा कोतवाली क्षेत्र के लालडिग्गी निवासी मनोज कुमार शुक्ला ने 27 जुलाई को कटरा कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसके भाई मनोज कुमार शुक्ला ने कूटरचित कागजात के सहारे बैंक मैनेजर और डिप्टी बैंक मैनेजर की मिलीभगत से पिता स्व. ह्रदय नरायण शुक्ला के लाकर में रखा करोड़ों का सोना निकाला लिया। जबकि पिता ने जीवित रहते हुए बैंक को पत्र लिखा था कि उनका लाकर उनके चारों पुत्रों के मौजूदगी में खोला जाए। पिता की मौत के बाद बैंक जाकर जानकारी की गई तो पता चला लाकर में कुछ नहीं है। मनोज शुक्ला की तहरीर पर कटरा कोतवाली पुलिस ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया। हस्ताक्षर की फोरेंसिक जांच के बाद आरोपी उमेश शुक्ला और डिप्टी बैंक मैनेजर चंद्रलोक निवासी भेलख थाना सराय ममरेज प्रयागराज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मैनेजर एसएन प्रसाद निवासी अलीनगर जिला मुगलसराय फरार है। गिरफ्तार आरोपितों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत याचिका दाखिल की। फरार आरोपी मैनेजर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत याचिका दाखिल कराई। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आलोक राय ने जमानत का विरोध किया। जमानत की सुनवाई करते हुए जनपद न्यायाधीश शिव कुमार प्रथम ने मामला गंभीर प्रकृति का होने के नाते जमानत पर मुक्त करने का कोई आधार न पाते हुए तीनों की जमानत याचिका निरस्त कर दी।
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