मिर्जापुर। जिगना थाना क्षेत्र के चेहरा गांव में गैर इरादतन हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट संजय हरि शुक्ला की अदालत ने पर्याप्त आधार न मिलने पर दो आरोपियों की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
क्षेत्र के चेहरा गांव में दो जून को आम तोड़ने की बात को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ। एक पक्ष से लल्लू गिरी, सत्येन्द्र गिरी, आनंद गिरी व बब्बू गिरी ने संतोष गिरी के पुत्र अंकित गिरी की पिटाई किया। बचाव में आई उसकी मां शीला व अन्य की पिटाई किया। गांव के लोगों बीच-बचाव किया था। उपचार के दौरान अंकित के मौत होने पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में सत्येंद्र गिरी और आनंद गिरी को गैर इरादतन हत्या मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। दोनों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत याचिका दाखिल की। दोनों के अधिवक्ता ने अपना पक्ष रखा कि दूसरे पक्ष के लोगों ने सत्येेंद्र गिरी की पिटाई किया था। मारपीट में दोनों ओर से मुकदमा दर्ज हुआ। मृतक अंकित को उनकी ओर से कोई चोट नहीं पहुंचाई गई। गांव के कुछ लड़के पत्थर से आम तोड़ रहे थे। वही गिरने से घायल होने के बाद अंकित की उपचार के दौरान मौत हुई। जमानत का विरोध कर रहे अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी उदय प्रताप सिंह ने कहाकि 15 वर्षीय बालक का योजनाबद्ध तरीके से आम बिनने व तोड़ने को लेकर मामूली विवाद में घातक प्रहार कर हत्या की गई है। मामले में पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और अधिवक्ता की दलील पर विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट संजय हरि शुक्ला ने जमानत पर छोड़े जाने का पर्याप्त आधार न पाते हुए जमानत अर्जी निरस्त कर दी।